सरकार ने प्रतिवर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य बनाया

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज कहा कि देश में वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

श्री प्रधान ने बोकारो के राधानगर गांव में 250 करोड़ रुपये की लागत से तेल डिपो तथा 100 करोड़ रुपये के निवेश से रसोई गेस (एलपीजी) बॉटलिंग संयंत्र का शिलान्यास करने के बाद कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात का उत्पादन पूरे देश में होगा, जिसका बहुत बड़ा हिस्सा झारखंड राज्य से आएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में कुल 10000 करोड रुपये पेट्रोलियम एवं औद्योगिक क्षेत्र में निवेश की जा रही विभिन्न परियोजनाओं और कारखानों में खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राधानगर में लगाए जा रहे एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र से रोजाना ढाई सौ ट्रक बोकारो से निकलेंगे और राज्य के विभिन्न शहरों में गैस की आपूर्ति करेंगे। इसकी वजह से भी बहुत से लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

श्री प्रधान ने कहा कि झारखंड में पेट्रोल की मांग बढ़ी है। यह इस बात को दर्शाता है कि लोग साइकिल से मोटरसाइकिल की और बढ़ रहे हैं। यह झारखंड के आर्थिक-सामाजिक विकास का बहुत बड़ा सूचक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन को दुहराया कि जब पूर्वी भारत का सही मायने में विकास होगा तभी भारत का विकास पूर्ण होगा।
उल्लेखनीय है कि बियाडा के औद्योगिक क्षेत्र में 20 एकड़ भूमि पर एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र झारखंड में गैस वितरण के लिए सिलेंडर रिफिल टर्मिनल पॉइंट होगा। यहां से झारखंड में भरे हुए गैस सिलेंडर का वितरण होगा। राधानगर में 73 एकड़ में बनने वाले तेल डिपो में तेल का भंडारण होगा। इस डिपो से समस्त झारखंड के पेट्रोल पंप में पेट्रोल-डीजल का वितरण किया जाएगा। डिपो में तेल की आपूर्ति रेलवे से होगी। भविष्य में असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी से पाइप के माध्यम से जोड़ दिया जाएगा, जिससे इस डिपो में तेल की अनवरत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

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