नये कानून के खिलाफ डाक्टरों की हड़ताल से तड़पते रहे मरीज

नये कानून के खिलाफ डाक्टरों की हड़ताल से तड़पते रहे मरीज

संजय कुमार बिहारशरीफ

केंद्र सरकार द्वारा अप्रशिक्षित आयुर्वेद चिकित्सकों को शल्य चिकित्सा प्रक्रिया की अनुमति दिए जाने के विरोध में बिहार शरीफ के आईएमए हॉल में चिकित्सकों ने बैठक कर अपनी नाराजगी जाहिर की तथा आज अपनी किलनिक को बंद रखा ।

इस मौके पर आईएमए के अध्यक्ष डॉक्टर सुनील कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आयुष चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति दिए जाने का हम लोग विरोध जताते हैं । उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक एमबीबीएस के बाद 3 वर्षों का कोर्स करने के बाद ही सर्जरी करते हैं ।जबकि आयुष चिकित्सक एमबीबीएस की पढ़ाई नहीं करते हैं। ऐसे चिकित्सकों को सरकार महज छह माह का कोर्स कराकर सर्जरी करने की अनुमति दे रहे हैं। इसके विरोध में आपातकालीन सेवाओं को छोड़ आज सभी किलनिक बंद रखा गया है।

जब तक इस कानून को वापस नहीं लेती है तब तक आंदोलन किया जाएगा।

इस मौके पर डॉक्टर श्याम नारायण प्रसाद ने बताया आयुष चिकित्सक यदि किसी मरीज का सर्जरी करते हैं तो इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ेगा। इससे चिकित्सा जगत पर गहरा प्रभाव पड़ेगा ।

सरकार को आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय का निर्माण की अनुमति प्रदान करनी चाहिए। पावापुरी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ पी के चौधरी, सचिव डॉक्टर चंदेश्वर प्रसाद, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ अरविंद कुमार सिन्हा ,डॉ सुनीति सिंहा ,डॉक्टर लक्ष्मण प्रसाद के अलावे कई अन्य चिकित्सक मौजूद थे

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