बिहार सरकार फिर कर रही अति पिछड़ों की हकमारी

बिहार सरकार फिर कर रही अति पिछड़ों की हकमारी

2015 में तेली व दांगी जातियों को अतिपिछड़ा में शामिल करने के बाद अब बिहार सरकार गिरि, जागा, मलिक व सूरजापुरी को ईबीसी में शामिल करने वाली है.

पटना उपेक्षित अत्यंत पिछड़ा वर्ग समन्वय समिति, बिहार की बैठक पूर्वी लोहानीपुर पटना में किशोरी दास की अध्यक्षता मे वंचित समाज मोर्चा के कार्यालय में हुई।

बैठक में बिहार सरकार द्वारा तेली ,दांगी और अन्य को 2015 में अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के खिलाफ माननीय सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले, एवं राज्य सरकार द्वारा पुनः गिरी, जागा, मल्लिक, और सुरजापुरी को अति पिछड़ा में शामिल करने के शाजिश पर चर्चा हुई।

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बैठक में कहा गया कि 2015 के बाद जब से नितीश कुमार जी के द्वारा तेली और दांगी को शामिल किया गया तब से जननायक कर्पूरी का वास्तविक मूल अति पिछड़ा हाशिए पर आ गया है।

सभी क्षेत्रों में अतिपिछड़ा वर्ग के आरक्षण का लाभ 2015 के बाद अतिपिछड़ा वर्ग में शामिल जाति ही अधिकांश हिस्सा ग्राहय कर रहा है।राज्य सरकार के इस फैसले को माननीय सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी संख्या 33594/2017 किशोरी दास एवं अन्य बनाम बिहार सरकार की अग्रिम सुनवाई की रणनीति पर विचार किया गया।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने उपेक्षित अति पिछड़ा वर्ग के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, बुद्धिजीवियों से सहयोग करने की अपील की गई।

बैठक में मुकदमा की देखरेख एवं क्रियान्वयन के लिए 15 सदस्यीय कोर कमेटी का गठन किया गया। बैठक मे वसंत कुमार चौधरी, वरीय अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट, उदय कांत चौधरी, पूर्व अध्यक्ष, अति पिछड़ा वर्ग आयोग बिहार, विनोद कुमार चंद्रवंशी, हेसामुद्दीन अंसारी, महेंद्र भारती, प्रोफ़ेसर अरुण कुमार कामत, संजय कुमार पप्पू, डॉ विनोद कुमार, अमरनाथ शर्मा, डॉक्टर सत्यनारायण शर्मा, रवि भूषण शर्मा, विनोद विद्रोही, शीतल केवट, नसीम अहमद कमाल, दिव्य प्रकाश मंडल, राम प्रमोद साहनी, सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।