GST से नुकसान पर यूपी को 8874 करोड़, बिहार को चवन्नी भी नहीं

GST से नुकसान पर यूपी को 8874 करोड़, बिहार को चवन्नी भी नहीं

GST से नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने यूपी को 8874 करोड़ दिए। बिहार को चवन्नी भी नहीं। जदयू ने कहा, बिहार को गरीब बनाए रखने की साजिश।

जदयू ने शुक्रवार को केंद्र की मोदी सरकार पर जबरदस्त हमला किया। कहा, GST से नुकसान की भरपाई के लिए भाजपा शासित प्रदेशों को हजारों करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं, जबकि वादे के अनुसार बिहार को राशि देने के बजाय सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। यूपी को 8874 करोड़ रुपए दिए गए, वहीं बिहार को एक पैसा भी नहीं दिया गया।

जदयू के प्रदेश प्रवक्ता डा. सुनील कुमार सिंह और राहुल कुमार ने कहा कि वैट कर प्रणाली में कर वसूलने का अधिकार राज्य सरकारों को था, जो जीएसटी प्रणाली की तुलना में राज्यों और आम जनता के लिए बेहतर था। जीएसटी लगने से राज्य सरकारों को होने वाले नुकसान के एवज में मिलने वाली राहत राशि को केंद्र सरकार ने इसी वर्ष जून से बंद कर दिया और पिछले पांच वर्षों में इस राशि को देने के दौरान केंद्र सरकार ने बिहार जैसे गरीब राज्य के साथ भेदभाव किया। इसी वर्ष गरीबों और आम लोगों के लिए लिए अति-आवश्यक वस्तुओं पर भी केंद्र सरकार ने जीएसटी लेना शुरू कर दिया और पूर्व के दर को बढ़ा दिया है।

प्रवक्ताओं ने कहा कि जीएसटी प्रणाली लागू करते समय केंद्र सरकार ने राज्यों से वादा किया था कि पुरानी कर प्रणाली और नई कर प्रणाली के बीच राज्यों को जो भी नुकसान होगा, उसकी भरपाई के तौर पर केंद्र सरकार राज्यों को मुआवजा देगी। हालाँकि यह राशी भी केंद्र सरकार राज्यों को कर्ज के रूप में आरबीआई से दिलवाती थी। केंद्र सरकार ने पिछले दो वित्त वर्ष में नुकसान के भरपाई के तौर पर एक रुपया भी बिहार को नहीं दिया, जबकि इन दो वर्षों में अन्य राज्यों यथा उत्तर प्रदेश को 8874 करोड़, कर्नाटक को 8633 करोड़, गुजरात को 3364 करोड़, आंध्र प्रदेश को 3199 करोड़, उत्तराखंड को 1449 करोड़ और हरियाणा को 1325 करोड़ रुपए दिया।

प्रवक्ताओं ने बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने कहा कि बिहार को कोविड महामारी के दौरान आर्थिक सहायता दी गयी थी, इसलिए मुआवजा नहीं मिलेगा। कोविड जैसी वैश्विक महामारी के दौरान दी गई सहायता को जीएसटी मुआवजे की राशि में समायोजित कर केंद्र सरकार ने बिहार के साथ सरासर बेईमानी की है। क्या कोविड के कारण मृतकों के शोकाकुल परिवार को बिहार सरकार द्वारा चार लाख की राशि देना पाप है? ज्ञातव्य है कि कोविड के दौरान इतनी राशि देने वाला बिहार एक मात्र राज्य था जबकि यूपी जैसे भाजपा शासित राज्यों में तो उन परिवारों को ठीक से कफन भी नहीं दिया गया।

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