बिहट के संस्कार गुरुकुल विद्यालय में मना शिक्षक दिवस, हुआ नाट्य मंचन

बिहट के संस्कार गुरुकुल विद्यालय में मना शिक्षक दिवस, हुआ नाट्य मंचन

बिहट के संस्कार गुरुकुल विद्यालय में शिक्षक दिवस बड़ी धूम धाम से मनाया गया. इस अवसर पर कलाकारों ने हरिशंकर परसाई के नाटक  ‘इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर” मंचन किया गया

बेगूसराय-(राजेश कुमार राजू)

बीहट के संस्कार गुरुकुल विद्यालय में शिक्षक दिवस काफी धूमधाम से मनाया गया ।इस अवसर पर जहां सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण विद्यालय परिवार के लोगों द्वारा किया गया, उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया वही एक नाटक का भी मंचन किया गया।

विद्यालय के निदेशक रामकृष्ण ने कहा कि डॉक्टर राधाकृष्ण जी की उदारता,लोभहीनता, अनुशासन ,सादगी आज के शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत का काम करेगा।आज शिक्षको में काफी बदलाव आ गया है।वे पैसे के पीछे भाग रहे है।नैतिकता और अनुशासन के बिना कोई भी शिक्षक आज अपनी अलग पहचान नही एना सकता है।इसके लिए त्याग,समर्पण और सेवाभाव होना बहुत जरूरी है।

 

डॉक्टर राधाकृष्णन के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर आज शिक्षक विद्यालयों में छात्रों को मनोयोग से शिक्षा दें क्योंकि आज के बच्चे हैं कल के भविष्य हैं और यदि हम बच्चों को शिक्षा देने में थोड़ी सी चूक करेंगे तो समाज पर इसका गलत असर जाएगा ।इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की।

इस अवसर पर हेमंत कुमार, कमलेश कुमार, विकास कुमार सुप्रिया रानी, सलोनी कुमारी एवं कुमारी आरती सहित कई शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित थी।

हरिशंकर परसाई के नाटक का मंचन

वही दूसरी ओर माँ देवकी देवी की स्मृति में बाल रंगमंच आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी,बरौनी बेगूसराय द्वारा प्रसिद्ध व्यग्यकार हरिशंकर परसाई लिखित कहानी ‘इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर” मंचन किया गया। नाटक का परिकल्पना एवम निर्देशन युवा रंगकर्मी ऋषिकेश कुमार ने किया!नाटक का मूल कहानी समाज में घट रहे वर्तमान समस्या पर जबरदस्त प्रभाव छोड़ता है.

पूरी कहानी में इंस्पेक्टर मातादीन के माध्यम से पुलिसिया विभाग में हो रहे गड़बड़ी को आसानी से नाटक के माध्य से दिखाने की कोशिश की गई.चाँद के सरकार ने भारत के सरकार को एक पत्र लिखा था की आपके यहाँ कोई ऐसा इंस्पेक्टर है जो चाँद की पुलिस को शिक्षित कर सके! भारत की तरफ से मातादीन को भेजा गया चाँद पर जहाँ सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था. लेकिन मातादीन ने वहाँ की पुलिस को इस तरह से ट्रेनिंग देना शुरू किया की झूठ को सच और सच को झूठ कैसे बनाया जाता है! और वहाँ की पुलिस ऐसा ही करने लगा.  जिससे वहाँ की जनता परेशान होनी गली! अंत में वहां के प्रधानमंत्री ने मातादीन को यह कहकर लोटा दिया की यहाँ आपके आने से पहले ही ठीक था.

 

नाटक की मुख्य भूमिका इंस्पेक्टर मातादीन, आकाश कुमार,प्रधानमंत्री- रोहित कुमार,सिपाही- आँचल कुमारी, विशाल कुमार,मंत्री -विशाल कुमार, कुणाल कुमार बाबा-ऋषि कुमार, ने अपने अभिनय से दर्शकों को नाटक के बीच-बीच मे अपने अभिनय से हंसाते रहे! कोरस में ऋषि कुमार, सुमित कुमार,शुभम कुमार,कोशकी कुमारी,मौसम कुमारी विजेंद्र,कमलेश अभिनय किया। इस अवसर पर संस्कार गुरुकुल बीहट के निदेशक राम कृष्ण,नाट्य प्रस्तुति में सहयोग कर रहे थे मनोरंजन कुमार चंदन कुमार चार्ली अंकित वर्मा राधे कुमार प्रियव्रत कुमार आदि लोगों थे।

इस अवसर पर संस्कार गुरुकुल के निदेशक रामकृष्ण, संस्कार गुरुकुल के शिक्षक हेमंत सर,कमलेश सर,आरती मैम,सलोनी मैम और इस मौके पर उपस्थित थे डाक्टर अरविन्द कुमार सिंह,कांग्रेस नेता पवन कुमार,राष्ट्रीय समता पार्टी के जिलाध्यक्ष सिंटू सिंह,एसएसवी के हवलदार धीरज वत्स,समाजसेवी हेमंत कुमार,चंदन ईशू वत्स सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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