हजार शब्दों पर भारी लालू और राहुल का यह एक चित्र

हजार शब्दों पर भारी लालू और राहुल का यह एक चित्र

आज राजद प्रमुख लालू प्रसाद और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का एक फोटो बहुत कुछ कहता है। आत्मविश्वास, एक दूसरे पर भरोसा, संघर्ष, जीत का भरोसा…।

दिल्ली में स्व. रामबिलास पासवान की बरसी के अवसर पर लालू और राहुल एक दूसरे का मजबूती से हाथ थामे।

कुमार अनिल

स्व. रामविलास पासवान की पहली पुण्य तिथि पर चिराग पासवान के घर कई नेता पहुंचे। इनमें राजद प्रमुख लालू प्रसाद और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी थे। दोनों श्रद्धांजलि देने के बाद अगल-बगल बैठे, तो ऐसे मिले, जैसे एक ही लक्ष्य के लिए लड़ रहे दो योद्धा मिले हों। ऐसे मिले, जैसे बहुत पुराना संबंध हो। दोनों ने एक दूसरे का मजबूती से हाथ थाम रखा था। आइए, समझते हैं इस फोटो का अर्थ।

अंग्रेजी में कहावत है A picture is worth a thousand words अर्थात एक तस्वीर हजार शब्दों पर भारी। यह कहावत यहां पूरी तरह सही दिख रही है।

लालू प्रसाद और राहुल गांधी दोनों एक ही विचारधारा के खिलाफ लड़ाई के योद्धा हैं। लालू प्रसाद के बारे में यह बार-बार कहा गया है कि उन्होंने भाजपा और संघ के सामने कभी झुकना कबूल नहीं किया। लाल कृष्ण आडवाणी के रथ को उन्होंने ही मुख्यमंत्री रहते समस्तीपुर में रोका था। तेजस्वी यादव के ट्विटर हैंडल पर जाइए, तो पिछले चार सालों से जो बात पहले दिखेगी, वह उसी संघर्ष और जज्बे को दिखाता है। लिखा है-अगर लालू जी BJP से हाथ मिला लेते तो वो आज हिंदुस्तान के राजा हरीशचंद्र होते।तथाकथित चारा घोटाला दो मिनट में भाईचारा घोटाला हो जाता अगर लालू जी का DNA बदल जाता।

1990 में जब राम मंदिर आंदोलन के नाम पर देश में नफरत फैलाई जा रही थी, जगह-जगह तनाव और हिंसा भी हुई। तब लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे। सांप्रदायिकता के खिलाफ देश में सबसे मजबूत चेहरा। आज फिर नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है। इसमें नया पहलू जुड़ गया है। किसानों को रौंदकर मारा जा रहा है। आज देश में राहुल संघर्ष का चेहरा बन गए हैं। ऐसे समय में दोनों का एक दूसरे का मजबूती से हाथ थामना खास संदेश देता है।

लालू प्रसाद बीमारी से उबर रहे हैं। उन्होंने राहुल का हाथ इतनी मजबूती से पकड़ रखा है, जैसे कह रहे हों कि जो लड़ाई हम लड़ते रहे, अब आप लड़ रहे हैं। जैसे लालू अपनी ताकत भी राहुल को दे रहे हों। राहुल गांधी ने भी लालू का हाथ उसी मजबूती से पकड़ रखा है, जैसे कह रहे हों, आप भरोसा रखें, नई पीढ़ी लड़ाई जरूर जीतेगी।

हाथों के अलावा दोनों नेताओं के चेहरे देखिए। लालू बिल्कुल ही बीमार नहीं लग रहे। वे राहुल से कुछ कह रहे हैं। चेहरे पर संतोष का भाव है। राहुल गौर से सुन रहे हैं। जैसे भरोसा दे रहे हों। राहुल गांधी और लालू प्रसाद का एक और भी चित्र खास है, जिसमें राहुल गांधी लालू को मास्क पहनने में मदद कर रहे हैं। इस चित्र में राहुल का अपनापन साफ देखा जा सकता है। दोनों फोटो युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.वी.श्रीनिवास ने बिना किसी कैप्शन के शेयर किया।

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