Hijab पहनी लड़कियों को प्रवेश से रोका, रो पड़ीं बेटियां

Hijab पहनी लड़कियों को प्रवेश से रोका, रो पड़ीं बेटियां

कर्नाटक के सरकारी कॉलेज में Hijab पहनी लड़कियों को प्रवेश से रोक दिया गया। दो महीने बाद एक्जाम है। रो पड़ीं बेटियां। देशभर में उठा सवाल।

आज कर्नाटक के एक कॉलेज में छात्राओं को गेट के भीतर प्रवेश करने से सिर्फ इस बात के लिए रोक दिया गया, क्योंकि उन्होंने हिजाब पहना था। लड़कियां प्रिंसिपल से रो-रोकर निवेदन कर रही हैं कि दो महीने बाद एक्जाम है, लेकिन प्रिंसिपल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। गेट पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

टाइम, न्यूयॉर्क टाइम्स सहित दुनिया की सभी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं-अखबारों में लगातार लिखनेवाली पत्रकार राना अयूब ने ट्वीट किया-शिक्षक गूंगा बना है, जबकि उसकी छात्राएं कैम्पस में प्रवेश से रोके जाने के कारण रो रही हैं। क्या यह रंगभेद नहीं है? क्या हिजाब पहनी लड़कियों से खतरा है, जबकि भगवा वस्त्रों में गर्व के साथ संवैधानिक पदों पर योगी बैठ रहे हैं। कोई क्या पहने, यह उसकी इच्छा है।

दीपक बोपन्ना ने लड़कियों के साथ इस तरह के सलूक का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- कर्नाटक में बार-बार निंदनीय दृश्य सामने आ रहे हैं। इस बार एक अन्य सरकारी कॉलेज की छात्रों को हिजाब पहनने के कारण परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। लड़कियां रो रही हैं। प्रिंसिपल से विनती कर रही हैं कि दो महीने बाद एक्जाम है, उनका भविष्य मत खराब करें।

उसने गांधी को क्यों मारा जैसी तथ्यपरक किताब के लेखक अशोक कुमार पांडेय ने लिखा-घरवाले- बिना हिज़ाब स्कूल नहीं जाना है। स्कूलवाले- हिज़ाब पहना तो स्कूल में नहीं आने देंगे। सब मिलकर लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर दो बस।

सरकारें लोगों को बेहतर ज़िंदगी देने के लिए होती हैं, मासूम बच्चियों से शिक्षा का हक़ छीनने के लिए नहीं। सर, पर हिज़ाब होने से क्या दिक़्क़त है!

कपिल चोपड़ा ने ट्वीट किया- इस सरकारी कॉलेज को कोर्ट में ले जाना पड़ेगा। हर किसी को अपने मन से ड्रेस पहनने का अधिकार संविधान ने दिया है। सरकार धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा दे रही है। योगी आदित्यनाथ क्यों भगवा ड्रेस में रहते हैं?

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