एडिटोरियल कमेंट

दाढ़ी और टोपी की मुस्लिम पहचान से बाज आइए वरना अनर्थ हो जायेगा

एक पांच-सात साल के शहरी मध्य वर्ग के गैर मुस्लिम बच्चे से पूछिए, वह पूरी मासूमियत से तुतलाती जुबान में हर टोपी-दाढ़ी वाले के बारे में कहेगा- यह एक “आतंतवादी” है۔ मीडिया, राजनेता और हमारा समाज मुसलमानों की यही पहचान अपने नौनिहालों के मासूम मस्तिष्क में ठूस चुके हैं.देश एक नये खतरे की तरफ बढ़ रहा है. चेतिए नहीं तो ...

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बिहार का प्रशास्निक तंत्र पैसे खर्च करने में कंजूस नहीं, नाकारा है

इर्शादुल हक— कोई पैसे के अभाव में गरीब होता है. कोई पैसा होते हुए भी संसाधनहीन होता है. दोनों स्थितियां खतरनाक हैं. पर इन दोनों में खतरनाक है दूसरी स्थिति. बिहार के प्रशासनक तंत्र का यही हाल है. यह वही बात हुई जैसे हमारे पास पैसे तो हैं पर रोटी और दीगर संसाधनों के लिए तड़पते रहें.पिछले कई सालों से ...

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सिर्फ नौकरशाह ही ‘बदतमीज’ नहीं हैं मंत्री जी

—इर्शादुल हक— ‘चुप बैठिए बदतीमज कहीं के’, यही शब्द थे उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री आजम खान के एक नौकरशाह के खिलाफ. मंगलवार को आजम खान ने अपने महकमे की एक बैठक बुलाई थी. इसमें उस महकमे के प्रधान सचिव प्रवीर कुमार नहीं शामिल हुए. क्योंकि मुख्यसचिव जावेद उस्मानी ने अचानाक प्रवीर को किसी जरूरी काम से(या फिर बहाने ...

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उत्तर प्रदेश के अधिकारी नकारे हैं या सरकार?

समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल वर्मा कहते है की उत्तरप्रदेश में काबिल आई.ए.एस अधिकारियुं की काफी किल्लत है. वह कहते हैं की उनके ज्राज्य में सिर्फ उतने ही अधिकारी काबिल हैं जितने की उनके राज्य में जिले हैं. बाकि सब बेकार हैं. इस लिए उनकी सर्कार किसी जिला अधिकारी को उनके पद से हटा नहीं सकती. गोपाल वर्मा का यह ...

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