एडिटोरियल कमेंट

भूमिहारों का अखाड़ा ‘लूट’ लिया अखिलेश सिंह ने 

‘बिहार केसरी’ डॉक्‍टर श्रीकृष्‍ण सिंह की आज जयंती है। बिहार के प्रथम मुख्‍यमंत्री श्रीबाबू का बिहार के नवनिर्माण में महत्‍वपूर्ण योगदान है। पहले वे बिहार के नेता थे, अब भूमिहार के नेता बनकर रह गये हैं। उनकी जयंती पर समारोह का आयोजन भूमिहार नेता ही अपनी शक्ति प्रदर्शन के लिए करते हैं। आज भी लालू यादव समर्थक कांग्रेस नेता अखिलेश ...

Read More »

8 माह से पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहे IAS दीपक आनंद ने शेयर किया दोहा, लोग खोज रहे हैं व्याख्या

पिछले आठ महीने से पोस्टिंग के लिए प्रतीक्षा कर रहे, सारण के पूर्व डीएम दीपक आनंद ने दिवाली की शुभकामना के साथ एक दोहा शेयर किया है. लोग इस दोहे का अपने-अपने अंदाज में अर्थ निकाल रहे हैं. दीपक को पिछले मक्र संक्रांति गंगा में हुई नाव दुर्घटना के बाद वेटिंग फॉर पोस्टिंग के लिए भेज दिया गया था. दीपक ...

Read More »

कंस्पिरेसी: भारत की सहानुभूति के लिए रोहिंग्या हिंदुओं के कतल का ठीकरा मुस्लिमों पर फोड़ा

रोहिंग्या मुद्दे पर पूरी दुनिया की आलोचना और मानवाधिकार संगठनों द्वारा पर्दाफाश किये जाने के बाद म्यांमार सरकार और वहां की बर्बर सेना ने एक नयी अफवाह उड़ानी शुरू की है कि रोहिंग्या मुस्लिमों द्वारा रोहिंग्या हिंदुओ की हत्या की गयी. एमए इब्राहिमी, आईएएस रिटार्यड    म्यांमार सेना और सरकार की बर्बरता से रोहिंग्या आबादी वाले रखाइन क्षेत्र में नरसंहार की शुरूआत हुई  और धीरे धीरे पूरी विश्व को  इस सच्चाई  का पता चल का है | समस्त विश्व के सारे नेताओं और विश्व के बुद्धिजीवीयो के द्वारा ऑंग सांग सु की की आलोचना निरंतर जारी है। सु की को दुनिया के गुस्से का सामना करने का साहस नहीं है.  ...

Read More »

टूट के कगार पर बिहार कांग्रेस और राहुल का लालू- नीतीश फैक्टर

बिहार कांग्रेस में विभाजन रोकने की राहुल गांधी की कोशिश नाकाम होती दिख रही है. सवाल यह है कि कांग्रेस टूट के कगार पर क्यों पहुंच गयी है. इसे समझने के लिए लालू व नीतीश फैक्टर को समझना जरूरी है.  हमारे सम्पादक इर्शादुल हक का विशेषण 27 जुलाई को नीतीश कुमार ने अचानक महागठबंधन को छोड़ कर भाजपा के साथ ...

Read More »

एडिटोरियल कमेंट: केरल में अपमानित हुई CBI क्या सृजन घोटाले की ईमानदारी से जांच करेगी?

केंद्र द्वारा सृजन घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के फैसले के कुछ देर पहले ही, सीबीआई केरल हाईकोर्ट में अपमानित हो रही थी क्योंकि 370 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में उसने  मुख्यमंत्री को झूठा फंसा दिया था. ऐसे में सृजन घोटाले पर उससे क्या उम्मीद की जाये? इर्शादुल हक, एडिटर नौकरशाही डॉट कॉम   केरल हाईकोर्ट ने केरल ...

Read More »

सृजन घोटाला: CBI के होश उड़ाने वाली EXCLUSSIVE तस्वीरें जिन्हें आप भी देख दंग रह जायेंगे

एक हजार करोड़ रुपये के सृजन घोटाले की जांच को बिहार सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया है. इस बीच नौकरशाही डॉट कॉम को कुछ ऐसी रेयर तस्वीरें हाथ लगी हैं जो इस घोटाले की जांच में बड़ा क्लू साबित हो सकती हैं. आप भी देखें. तस्वीर एक– इस तस्वीर में हरी साड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का फोलों ...

Read More »

सरकार के संरक्षण में मंत्री ने दोबारा कुबूला इस्लाम, राम पर भाजपा की बेबसी के क्या हैं मायने?

बिहार की भाजपा गठबंधन सरकार के मौन संरक्षण में उसके मंत्री ने दोबारा इस्लाम कुबूल कर लिया. मंत्री ने जय श्री राम का नारा लगाना अपने  लिए गर्व की बात बताई थी. पर अब वह जीवन भर जय श्री राम नहीं बोलेंगे. भाजपा की यह खामोशी, उसके सत्ता मोह की बेबसी है, साथ ही राम के संग उसका राजनीतिक खिलवाड़ ...

Read More »

महागठबंधन में थमते विवाद: आइए समझें राजद, जद यू व मीडिया- किसकी क्या थी रणनीति

लालू परिवार पर सीबीआई छापामारी के बाद मीडिया, गठबंधन टूटने की इबारत लिखने को बेताब था. राजद मीडिया पर हमलावर तो जद यू मीडिया के उत्साह का रणनीतिक इस्तेमाल में लगा था. अब यह ज्वार शांति की तरफ अग्रसर है. ऐसे में राजद, जद यू व  मीडिया की रणनीति की पड़ताल जरूरी है. पढ़िये इर्शादुल हक की कलम से. मीडिया ...

Read More »

लालू का नीतीश बाण: अब भाजपा व मीडिया महागठबंधन तोड़ने का एजेंडा उठाने पर भी शर्मायेंगे

लालू प्रसाद के 70वें जन्म दिन पर महागठबंधन की अटूट एकता दिखी. ऐसी एकता को देख कर अब भाजपा और वैसे पत्रकारों को, जो ड़ेढ़ साल से सरकार गिराने के एजेंडे पर काम करते रहे हैं, उन्हें अब अपना एजेंडा बदलने पर मजबूर होना पड़ेगा. नौकरशाही ब्यूरो ऐसा इसलिए कि महागठबंधन में दरार, टूट या बिखराव के छोड़े जाने वाले ...

Read More »

राष्ट्रपति चुनाव:गठबंधन तोड़ने का बारम्बार ऐलान करने वाले पत्रकारो! नीतीश को समझना ठाठा नहीं है

व्यापक जनाधार का नेता नहीं होने के बावजूद नीतीश कुमार कलकुलेशन में महारत रखते हैं. जब सहयोगी सशक्त हो  तो नीतीश खुद किनारा पकड़ने की राह अपनाते हैं और सहयोगी कमजोर हो तो सबको किनारे लगाने का हुनर भी उन्हें आता है. इर्शादुल हक, एडिटर नौकरशाही डॉट कॉम     एक तिनका भी खड़-खड़ाये तो मीडिया के कुछ बंधु ग्रैंड ...

Read More »