स्पेशल आलेख

               विश्व शांति की स्थापना में सूफीवाद की जरुरत

islam peace

               विश्व शांति की स्थापना में सूफीवाद की जरुरत मौजूदा दौर इंसानी तरक्की के ऊंचाई और इल्म व हुनर के सब्र अजमा चरण से गुजर रहा है. दुनियावी तरक्की के बावजूद इंसानी रूह अपने आमाल-ए-जश्त की कशाफत से बुरी तरह मजरुह हो चुकी है. मानवता हर समय खौफ और दहशत की ज़िन्दगी गुजारने पर मजबूर है. कहीं दिन-व-मजहब के नाम ...

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Begam Hajrat Mahal जिन्होंने अंग्रेजी सेना के खिलाफ फूका था विद्रोह का बिगुल

Begam Hajrat Mahal जिन्होंने अंग्रेजी सेना के खिलाफ फूका था विद्रोह का बिगुल बेगम हजरत महल (Begam Hajrat Mahal) सन 1857 के संग्राम से जुडी एक प्रसिद्ध महिला थीं , जिनका जन्म सन 1830 में उतरप्रदेश के फ़ैजाबाद में हुआ था. इनका वास्तविक नाम मुहम्मदी खानम था. इनके पिता गुलाम हुसैन फ़ैजाबाद के थे. बहुत ही कम उम्र में उन्होंने ...

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Maulvi Ahmadullah Shah: ऐसा स्वतंत्रता सेनानी जिनके नाम से ही अंग्रेजी हुकूमत कांप उठती थी

Maulvi Ahmadullah Shah

Maulvi Ahmadullah Shah: ऐसा स्वतंत्रता सेनानी जिनके नाम से ही अंग्रेजी हुकूमत कांप उठती थी. मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी ( Maulvi Ahmadullah Shah) एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे जिनके नाम से ब्रिटिश हुकूमत घबराती थी. उनका जन्म 1787 में मद्रास में हुआ था. अपने आध्यात्मिक ज्ञान के कारण उन्हें मौलवी की उपाधि मिली थी. मौलवी अहमदुल्लाह मार्शल आर्ट के भी ...

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कैंसर के खिलाफ देशव्यापी युद्ध का क्या है समृद्ध भारत ट्रस्ट का मास्टर प्लान

कैंसर के खिलाफ देशव्यापी युद्ध का क्या है समृद्ध भारत ट्रस्ट का मास्टर प्लान अमित कुमार: कैंसरमुक्त भारत अभियान के प्रणेता  कैंसर के खिलाफ देशव्यापी युद्ध में कूद चुके समृद्ध भारत ट्रस्ट की कहानी जिसने डरना नहीं, लड़ना है के नारे के साथ कैंसर फ्री इंडिया का अभियान छेड़ रखा है.   कैंसर जैसी घातक बीमारी से जंग हारने के ...

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मोदी ने जिस तरह सियासी एजेंडे को बदला है उसमें क्षेत्रीय दलों के लिए सुधरने या मिट जाने के सीमित विकल्प हैं

मोदी ने जिस तरह सियासी एजेंडे को बदल डाला है उसमें क्षेत्रीय दलों के लिए सुधरने या मिट जाने के सीमित विकल्प हैं काश, क्षेत्रीय पार्टियां सुधर पातीं ! भाजपा ने नरेंद्र मोदी के मजबूत और अकल्पनीय नेतृत्व में जिस तरह देश की राजनीति के मुहावरे को, एजेंडे को बदला है, उसमें क्षेत्रीय पार्टियों के सामने बस सुधरने या मिट ...

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जिहाद का अर्थ टकराव या यु्द्ध नहीं बल्कि पवित्र मकसद की प्राप्ति के लिए संघर्ष का नाम है

जिहाद( Jihad) का अर्थ टकराव या यु्द्ध नहीं बल्कि पवित्र मकसद की प्राप्ति के लिए संघर्ष का नाम है जिहाद (Jihad) के संबंध में अतिवादियों व आतंकी संगठनों की व्याख्या अपने स्वार्थ या गलतफहमी पर आधारित है. वे जिहाद के अर्थ को युद्ध के संदर्भ में परिभाषित करते हैं. अरबी में जिहाद का वास्तविक अर्थ किसी पिवत्र उद्देश्य की प्राप्ति ...

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शहीदों के खून पर सियासत करके और कितना नीचे गिरेगी भाजपा !

शहीदों के खून पर सियासत कर और कितना नीचे गिरेगी भाजपा ! शहीदों का खून हमारी सरहदों की हिफाजत और राष्ट्र की संप्रभुता की जमानत देते हैं. हमारे जवान हम सबको गर्वान्वित करते हैं. लेकिन अगर शहीदों के खून और उनके बलिदान को सियासत का आधार बना लिया जाये तो यह उनका अपमान है. क्योंकि हमारे जवान अपने जीवन की ...

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देशभर के विद्वानों के व्‍याख्‍यान के साथ संपन्‍न हो गया ‘वार्षिक पुरातात्विक संगोष्‍ठी

इंडियन आर्कियोलॉजिकल सोसाइटी और पुरातत्‍व निदेशालय (कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग, बिहार) के संयुक्‍त तत्‍वावधान में आयोजित तीन दिवसीय राष्‍ट्रीय ‘वार्षिक पुरातात्विक संगोष्‍ठी’ का आज समापन हो गया। संगोष्‍ठी का समापन समारोह बिहार म्‍यूजियम में आयोजित किया गया, जहां मुख्‍य अतिथि के रूप में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के परामर्शी सह बिहार के पूर्व मुख्‍य सचिव अंजनी कुमार सिंह शामिल हुए।  नौकरशाही डेस्क उन्‍होंने बिहार ...

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उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने किया वार्षिक पुरातात्विक संगोष्‍ठी का उद्घाटन

पुरातत्‍व निदेशालय, कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग, बिहार तथा इंडियन आर्कियोलॉजिकल सोसाइटी, नई दिल्‍ली इंडियन सोसाइटी फॉर प्री-हिस्‍टॉरिक एंड क्‍वार्टनरी स्‍टडीज, पुणे इंडियन हिस्‍ट्री एंड कल्‍चर सोसाइटी, नई दिल्‍ली के तत्‍वावधान में आज पटना स्थित ज्ञान भवन में बिहार के उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ‘वार्षिक पुरातात्विक संगोष्‍ठी’ का विधिवत उद्घाटन किया। नौकरशाही डेस्‍क इस मौके पर कला, संस्‍कृ‍ति एवं युवा विभाग के प्रधान सचिव रवि मनुभाई परमार, इंडियन आर्कियोलॉजिकल ...

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पढ़िए, RBI न बन पाने की पत्रकार रवीश कुमार की पीड़ा

शक्तिकांत दास को भारतीय रिजर्व बैंक का गवर्नर नियुक्‍त करने के बाद देश के चर्चित पत्रकार रविश कुमार ने व्यंग के लहजे में लिखा-‘आर बी आई के गवर्नर के लिए मैं क्यों नहीं चुना जा सका!’ दरअसल, वे भी इतिहास के छात्र हैं और आर बी आई के गवर्नर भी इतिहास के छात्र राहे हैं। इसपर उन्होंने खुशी भी जाहिर की।  ...

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