स्पेशल आलेख

लालू पर अदालती फैसला की गलत खबर चला कर टीवी चैनलों की भद्द कैसे और क्यों पिट गयी?

रांची की सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद को दोषी करार दे दिया लेकिन उसी वक्त कुछ चैनलों ने लालू को निर्दोष बरी करने की खबर चला दी. ऐसा क्यों और कैसे हुआ ? नीतीश चंद्र, टीवी पत्रकार आज सबक लेने का दिन है रिपोर्टर्स और संपादकों के लिए। रांची में चारा घोटाला मामले में लालू यादव के बरी हो जाने ...

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टीवी वालों जरा बताओ…मोदी क्या मामूली गालीबाज़ हैं?

मोदी के बारे में हल्की बात करने पर टीवी विशेष कार्यक्रम आयोजित करते हैं। मणि शंकर अय्यर और जिग्नेश मेवानी की टिप्पणियाँ ताज़ा मिसाल हैं। हालाँकि मेवानी की टिप्पणी को आपत्तिजनक कहना सही नहीं लगता। ओम थानवी, वरिष्ठ पत्रकार लेकिन जब मोदी के श्रीमुख से हल्की बात निकले तब? मोदी ने अभी चंद रोज़ पहले पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व ...

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विश्लेषण: क्या गुजरात का एक्जिट पोल तुक्केबाज दिमाग वालों के मन की भड़ास थी?

गुजरात चुनाव परिणा घोषित होने के पहले में 9 एक्जिट पोल सामने आये थे .इनके अनुमानों को देखने से पता चलता है 8  सर्वे तुक्केबाजी साबित हुए हैं. तो क्या जिस 9 वें चैनल की बात सही साबित हुई उसकी तुक्केबाजी बाइडिफाल्ट सही हो गयी? पढ़िये हमारे सम्पादक इर्शादुल हक का विश्लेषण अगर 9 एजेंसियों और न्यूज चैनलों  में से एक ...

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नौकरशाही डॉट कॉम का अध्ययन: ट्विटर पर राहलु गांधी के सामने हांफ रहें हैं नरेंद्र मोदी

गुजरात चुनावों के दौरान नौकरशाही डॉट कॉम ने  बीते एक हफ्ते में राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के चुनावी ट्विट्स का अध्ययन किया जिससे पता चलता है कि राहुल के ट्विट्स की लोकप्रियता के सामने मोदी के पसीने छूट गये हैं. इर्शादुल हक, एडिटर नौकरशाही डॉट कॉम यह स्थिति तब है जब मिस्टर मोदी के ट्विटर अकाउंट के फॉलोअर्स की ...

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बाबरी विध्वंस: आडवाणी की अगलगुआ टोली और लालू का सामाजिक सौहार्द

जिस बाबरी मस्जिद को ढहाने जा रहे आडवाणी को लालू प्रसाद ने अपने राजनीतिक मेंटर कर्पूरी ठाकुर के गृह ज़िले समस्तीपुर में 29 अक्टूबर 1990 को गिरफ़्तार किया था, उस मस्जिद को भाजपा के तीन धरोहर, अटल-आडवाणी-मुरली मनोहर के साथ कल्याण सिंह, अशोक सिंघल, उमा भारती, आदि की अगलगुआ टोली ने 6 दिसंबर 1992 को गिरा दिया। जयंत जिज्ञासु   ...

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एडिटोरियल कमेंट:राष्ट्रपति कोविंद के साहसिक बयान ने सत्ता, संघ व संघी मीडिया में खलबली मचा दी

सत्ता और सरकार का मुखौटा बने रहने की बेबस परम्परा को राष्ट्रपति कोविंद ने जिस साहस से चुनौती दे डाली है उसकी उम्मीद आरएसएस, सत्ताशीर्ष पर बैठे महारथियों और सामंतवाद के सारथी मीडिया को भी नहीं थी. इर्शादुल हक, एडिटर, नौकरशाही डॉट कॉम  कुछ महीने पहले जब बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति चुना गया तो कुछ लोगों ने ...

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निजी क्षेत्र में आरक्षण पर बहस के नीतीश के प्रस्ताव को दी चुनौती, पूछे दस सवालों के जवाब

आउटसोर्सिंग में आरक्षण के बाद नीतीश कुमार अब निजी क्षेत्र में आरक्षण पर राष्ट्रीय बहस चाहते हैं. इस बहस में कूदते हुए संजय यादव, आरक्षण पर उनके स्टैंड को बिंदुवार कटघरे में खड़ा कर उनसे दस सवाल का जवाब मांग रहे हैं.   मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को बिहार की जनता को भ्रम और झूठ की चक्की में पीसने की ...

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बिहार सरकार का नाकारापन, झोली में 100 करोड़,अल्पसंख्यक बेरोजगारों को नहीं दिया एक पैसा

बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का यह नकारापन है या दुर्भावना!  कहना मुश्किल है, पर हकीकत यह है कि इस वर्ष एक भी बेरोजगार को भी कर्ज नहीं मिला. हद यह है कि पिछले वर्ष कुल लक्षय का केवल 6.5 प्रतिशत अल्पसंख्यक बेरोजगारों को कर्ज मिला. ऐसा नहीं है कि विभाग के पास फंड नहीं है. सच्चाई यह है कि ...

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मीडिया की गैर जिम्‍मेदाराना खबर ने दी अरवल में तनाव को हवा

पिछले दो – तीन दिनों से बिहार के अरवल ज़िला में दो समुदाय के बीच काफ़ी तनाव है और इसी बीच एक क्षेत्रीय टीवी चैनल द्वारा भ्रामक ख़बर फैला कर पूरे इलाक़े मे सनसनी फैला दी गई है. वह खबरिया चैनल अपने एक ख़बर में दावा करता है कि अरवल के शाही मुहल्ले से बड़ी तादाद में राकेट बम बरामद ...

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बुलेट ट्रेन की ईवेंटबाजी: कैसे बेमौत मर रहीं हैं मोदी की ये सात योजनायें, किसी को पता भी नहीं

बुलेट ट्रेन को जिस शोर के साथ ईवेंट द्वारा पेश किया गया है, ऐसी ही ईवेंटबाजी तमाम योजनाओं में दिखाई गयी. रवीश का लेख पढ़िये जिसमें बताया गया है कि पिछली 7 योजनायें ईवेंट तो बनी पर अब दम तोड़ चुकी हैं. ऐसे  में बुलेट ट्रेन का खुदा ही मालिक है. 2022 में बुलेट ट्रेन के आगमन को लेकर आशावाद ...

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