IAS बोले, अब हिंदुओं का एक हिस्सा दूसरे के दुख से खुश हो रहा

IAS बोले, अब हिंदुओं का एक हिस्सा दूसरे के दुख से खुश हो रहा

देश के चर्चित पूर्व IAS अधिकारी ने कहा, अब हिंदुओं का अच्छा हिस्सा दूसरे को दुख देकर खुश हो रहा है। हिंदू होने की नई परिभाषा गढ़ी जा रही है।

आज पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने बड़ी बात कही। कहा, अब हिंदुओं का अच्छा-खासा हिस्सा अपनी खुशहाली, अपने धर्म, अपने देश से गौरवान्वित और खुश नहीं होता, बल्कि वह मुस्लिमों को दुख देकर, उनका दुख देखकर खुश होता है। हिंदू की नई परिभाषा गढ़ी जा रही है कि हिंदू वह है, जो मुसलमानों से नफरत करे।

गोपीनाथन ने इससे पहले वह वीडियो जारी किया, जिसमें एक 13 साल के मुस्लिम बच्चे को सिर्फ इसलिए बुरी तरह पीटा गया, क्योंकि उसने मंदिर में पानी पीया। गोपीनाथन ने लिखा-पीटने के बाद इसका वीडियो पोस्ट किया गया, जैसे यह कोई उपलब्धि हो। हमारी संस्कृति को कितना नीचे गिराने की कोशिश हो रही है। सिर्फ इसलिए कि हम दूसरे से नफरत करें। गोपीनाथन के इस ट्विट को लगभग दस हजार लाइक्स मिल चुके हैं।

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सोशल मीडिया पर #SorryAsif ट्रेंड करता रहा। देश के अनेक जाने-माने लोगों ने आसिफ नाम के उस बच्चे से माफी मांगी, जिसे पानी पीने के कारण पीटा गया। अनोक लोगों ने कहा कि किसी भी धर्म में पानी पिलाने को नेक काम माना जाता है। फिल्म मेकर विनोद कापरी ने चार बार सॉरी कहा। सॉरी, सॉरी, सॉरी, एक्सट्रीमली सॉरी आसिफ।

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@YuvaHallaBol के अनुपम ने ट्विट किया- आसिफ, माफी सिर्फ तुम्ही से नहीं मांग रहे बल्कि पूरे देश में हर उस अन्याय के लिए माफी मांगना है, जिसकी कहीं चर्चा भी नहीं हो सकी। अनुपम ने आगे कहा मैं शर्मिंदा हूं कि हमारा समाज कैसा बन गया है। संकल्प लेता हूं कि घृणा और बंटवारे की राजनीति के खिलाफ संघर्ष तेज करूंगा।

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राजनीतिज्ञों में सबसे पहले बोलनेवाले तेजस्वी यादव रहे। कल ही तेजस्वी ने ट्विट किया- आसिफ एक प्रतीक है ऐसे लोगों के जो भाजपाइयों द्वारा फैलाई जा रही घृणित मानसिकता और जहरीली विचारधारा का, जो इंसान को इंसानियत से नहीं, मजहब या बकौल पीएम कपड़ों से पहचानना और व्यवहार करना सिखाता है, के शिकार हुए। सभी सच्चे धर्म और इंसानों की ओर से सॉरी आसिफ।

मीना कोटवाल ने एक पेंटिंग साझा की, जिसमें आंबेडकर आसिफ के कंधे पर हाथ रखकर कह रहे हैं-यहां पानी पीने का संघर्ष बहुत पुराना है।

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