IAS ने दूसरी लहर को भांप कर की तैयारी, बचाया तबाही से

IAS ने दूसरी लहर को भांप कर की तैयारी, बचाया तबाही से

जब देश ने लगभग मान लिया था कि कोरोना खत्म हो रहा है, तब भी एक IAS ने दूसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखकर की समग्र तैयारी। जिले को बचाया तबाही से।

आज देश में एक आईएएस अधिकारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने पिछले साल कोरोना की लहर जब उतार पर थी, तभी उन्होंने दूसरे लहर की आशंका को ध्यान में रखकर तैयारी प्रारंभ कर दी थी। नतीजा यह है कि आज पूरा जिला तबाही से बच गया। न बेड की कमी है और न ही ऑक्सीजन की।

ये आईएएस अधिकारी हैं महाराष्ट्र के नांदुरबार जिले के कलक्टर राजेंद्र भारूद। जब पिछले साल सितंबर में कोरोना के मामले कम होने शुरू हुए, तब भी भारूद चुप नहीं बैठे। वे खुद एमबीबीएस डॉक्टर हैं।

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उन्होंने बताया कि उनके सामने अमेरिका और ब्राजील का उदाहरण था, जहां कोरोना की दूसरी लहर ने तबाही मताई थी। इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने तैयारी शुरू की।

सितंबर, 2020 में ऑक्सीजन का एक प्लांट लगाया गया, जिसकी प्रति मिनट 2400 लीटर उत्पादन क्षमता है। इस साल मार्च में जब लोग मान बैठे थे कि कोरोना पर जीत हो गई, तब उन्होंने दूसरा ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया। अब अप्रैल में वे तीसरे प्लांट की स्थापना में लगे हैं।

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ऑक्सीजन प्लांट के अलावा उन्होंने दूसरी लहर का सामना करने के लिए अन्य सारी तैयारी भी की। एंबुलेंस, बेड, दवा सहित हर तैयारी की ताकि डॉक्टरों पर प्रेशर न आए। इस तैयारी में खर्च भी बहुत था। इसके लिए उन्होंने जिला योजना विकास फंड और राज्य आपदा कोष से मदद ली। इसके साथ ही सीआरएस को भी इस तैयारी में लगाया।

इसका नतीजा यह है कि इस जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। बेड भी खाली हैं। यह स्थिति तब है जब पड़ोसी राज्य गुजरात और मध्यप्रदेश के कोरोना मरीज भी यहां आ रहे हैं। पूरे महाराष्ट्र में उनके कार्य की सराहना हो रही है।

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