इस्लाम शांति और भाईचारे का मजहब है

इस्लाम के मायने अमन व सलामती है. आज पूरी दुनिया को अमन, इत्तेफाक और भाई चारों की जरूरत है. इस्लाम ने इसी अमन  व आस्ती व भाईचारा के रास्ते पर चलने का पैगाम दिया है. इस रास्ते पर चलने से मुल्क कौम व दुनिया और फिर इंसानियत के लिए अच्छे नतीजे सामने आते हैं.

इस्लाम के दश्दुद यानी अत्याचार के लिए कोई जगह नहीं है. कमजोरों  और मासूमों बेगुनाह  लोगों पर जो लोग जुल्म करते हैं इस्लाम में उसकी पुरजोर मुखालिफत है. इस्लाम के इस पैगाम को आप इस तरह से समझ सकते हैं कि जब एक सच्चा मुस्लिम दूसरे मुस्लिम से मिलता है तो वह उसे सलाम करता है- अस्सलाम वालेकुम व रहमतुल्लाहे व बरकातहू. इसका मतलब है कि इस शख्स आप पर अल्लाह की सलामती रहमत व बरकत नाजिल हो. इसके जवाब में दूसरा शख्स कहता है वालेकुम अस्सलाम व रहमतुल्लाहे व बरकातहू- ए भाई आप पर भी अल्लाह की सलामती रहमत व बरकत नाजिल हो

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पैगम्बर ए इस्लाम विभिन्न मतावलम्बियों के साथ शांति व सहअस्तित्व के हिमायती थे

जब आगाज़  ही सलामती, रहमत व बरकत जैसे  मुकद्दस अल्फाज से होता हो तो इस मजहब में नफरत, जुल्म और दहशतगर्दी के लिए कोई जगह ही नहीं है. जो लोग ऐसा करते हैं वह मुस्लिम कहलाने के मुस्तहिक नहीं हैं. कुरान शरीफ की इन आयतों में यही नसीहत दी गई है-

“जमीन पर फसाद न फैलाओ. अल्लाह फसाद करने वालों को दोस्त नहीं रखता. ना आपस में खूनरेजी करो और ना किसी को उसके घर से निकालो”.
“अल्लाह उनका ख्याल रखता है जो दूसरों पर रहम करते हैं,एहसान करते हैं. माफ कर देते हैं और भलाई करते हैं”.
“नेकी और  परहेजगारी के काम में एक दूसरे की मदद करो. गुनााह और जुल्म की बातों में एक दूसरे की मदद ना किया करो”.

जहां भाईचारा इत्तेफाक इत्तेहाद, अमन और सलामती है उन कौमों और मुल्र्कों ने तरक्की की है. और दूसरों के लिए दुनिया के नक्शे पर एक कबीले तकलीद मिसाल बनकर चमके हैं और जहां इन बातों से अलग एक दूसरे से नफरत कानूनशिनी, दंगा फसाद और दहशतगर्दी है वह  कौम और मुल्क तबाह और बर्बाद हुए हैं. जिसे हम सब को समझने और नसीहत हासिल करने की जरूरत है.

क्या है जिहाद

जिहाद के मायने मजलूमों लाचारों और बेशक को की मदद के लिए हर बुराई के खिलाफ लड़ना है. मासूम बच्चों और बेगुनाह लोगों को बंदूक की  गोलियों से मारना, बम फोड़कर गद्दारी करना दहशत फैलाना जिहाद नहीं है. इस्लाम में इसकी सख्त मनाही है.

हमारा देश त्योहारों का देश है यह अलग-अलग धर्मो जातियों और रीति-रिवाजों का एक ऐसा हसीन गुलदस्ता है जिससे सजे रंग बिरंगे फूल अपनी  हिंदुस्तान रूपी मनमोहक महक से सारे देशवासियों को भाईचारे का एक अटूट बंधन में बांधे हुए हैं.

वक्त है कि हम सब अपने दिलों में पनप रही बुराइयों को नाश कर आपसी प्रेम इत्तेहाद व इत्तेफाक और भाईचारे की राह पर चलने का अहद कर कौमी एकता की एक कबीले की तकलीद की मिसाल दुनिया के सामने पेश करें और फिर फख्र से कहें- सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा/ हम बुलबुले हैं इसकी यह गुलसितां हमारा.

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