जन अधिकार छात्र परिषद सरकारी आदेश के खिलाफ जाएगी कोर्ट

जन अधिकार छात्र परिषद सरकारी आदेश के खिलाफ जाएगी कोर्ट

जन अधिकार छात्र परिषद ने सरकार का विरोध करने पर कार्रवाई करने के सरकारी आदेश को तुगलकी फरमान कहा है। संगठन ने आज मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।

बीते दिनों पुलिस मुख्यालय द्वारा सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ लिखने वालों पर कार्रवाई से जुड़े नोटिफिकेशन के विरोध में जन अधिकार छात्र परिषद के छात्रों ने पटना के कारगिल चौक पर धरना- प्रदर्शन दिया। इस दौरान छात्र नेताओं ने नारेबाज़ी के साथ मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।

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छात्र परिषद अध्यक्ष आज़ाद चांद ने बताया कि बिहार सरकार छात्र और युवाओं को उनके मार्ग से भटका कर अपराध के रास्ते पर ले जाना चाहती है। पुलिस प्रशासन अपना कार्य भूल चुकी है। क्या डीजीपी का डंडा लोकतंत्र व संविधान से ऊपर है?

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आज़ाद चांद ने कहा कि सरकार की नाकामियों के खिलाफ आवाज उठाने का हमें अधिकार है। हम अपने लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन नहीं होने देंगे। हम इस नोटिफिकेशन के ख़िलाफ़ उच्च न्यायालय में रिट पिटीशन दाखिल करेंगे।

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि बोलने और विरोध करने का अधिकार हमें संविधान के तहत मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमारे अधिकारों को छीनने की कोशिश न करे वरना छात्रों और युवाओं का आक्रोश उन्हें सत्ता से गिरा कर ही दम लेगा।

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जाप के राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्पू ने कहा कि संविधान हमें वाक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। अगर सरकार हमें अपने अधिकारों से वंचित रखने का प्रयास करेगी तो उसे विरोध का सामना करना पड़ेगा।

इस दौरान गौतम आनंद, आमिर राजा, फ़ैज़ अख़्तर, रोशन शर्मा, सन्नी सिंह, नीतीश कुमार, दीपंकर प्रकाश, दीपक कुमार, आदि मेहताा सहित बड़ी संख्या में छात्रों ने पुतला दहन में भाग लिया।

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