जनता महंगाई में भी खुश है, विपक्ष कहां से लाए नया मुद्दा

जनता महंगाई में भी खुश है, विपक्ष कहां से लाए नया मुद्दा

आज पेट्रोल की कीमत 20 रुपए बढ़ जाए, तो जनता उसे भी स्वीकर कर लेगी। विपक्ष एक ट्वीट करेगा और दस गालियां खाएगा। रोजगार? नहीं चलेगा। फिर क्या?

कुमार अनिल

यूपी चुनाव में विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, साड़ से खेती को नुकसान, किसानों को फसल की अधिक कीमत, पुरानी पेंशन के मुद्दे पर चुनाव लड़ा। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने सामाजिक न्याय का एक मुद्दा भी उठाया था-जातीय जनगणना। चुनाव परिणाम से साबित कर दिया कि न महंगाई चली, न मंडल चला।

विपक्ष के इन मुद्दों से भाजपा का वोट कम होने के बजाय बढ़ गया। 2017 में भाजपा को 39.67 प्रतिशत वोट मिला था, इस बार उसे बढ़ कर 41.3 प्रतिशत वोट मिले।

महंगाई को लोगों ने वैश्विक मुद्दा माना। लोग कहते हैं महंगाई को कोई नहीं रोक सकता। विपक्ष के हर मुद्दे को जनता के बहुमत ने काट दिया। लोगों ने योगी-मोदी पर भरोसा जताया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि विपक्ष किन मुद्दों पर बोलेगा, किन मुद्दों पर संघर्ष करेगा?

परंपरागत रूप से देश में विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, जनता पर जुल्म की घटनाएं आदि उठाता रहा है। यूपी चुनाव ने साबित कर दिया कि ये मुद्दे अब पुराने पड़ चुके हैं। तब विपक्ष नया मुद्दा कहां से लाएगा? क्या होंगे नए मुद्दे?

लखीमपुर, उन्नाव अपने-अपने कारणों से जाने गए। इन जगहों पर भी भाजपा को जीत मिली। इसीलिए यह भी नहीं कह सकते कि भविष्य में कोई जुल्म की घटना के खिलाफ आंदोलन खड़ा करके विपक्ष ताकतवर होगा। तो क्या होगा मुद्दा? फिलहाल, कोई राजनीतिक पंडित कोई नया मुद्दा बताने में असमर्थ हैं।

तो क्या विपक्ष अब भाजपा से हार मान ले, कांग्रेस खुद को भंग कर दे? ऐसा तो होनेवाला नहीं है। फिर किस तरह विपक्ष उठेगा? क्या विपक्ष महंगाई-बेरोजगारी के और बढ़ने का इंतजार करेगा और जनता की आर्थिक बेहतरी के सवाल पर तब एक बार फिर कोशिश करेगा?

इंजीनियर और राजनीतिक टिप्पणीकार नवीन के तिवारी भोजपुरी में लिखते हैं-आज फेरु लिखत बानी कि हाथरस, उन्नाव आदि में बलात्कार आदि त मात्र एगो मुद्दा रहे अउरी कुछ ना बाकिर लखीमपुर में किसानन के थार गाड़ी से कचार के हत्या कइला के बादो जदि उ क्षेत्र ओहि पार्टी के जोरदार ओट क के जितवले बा, त एकर माने इहे बा कि परसेप्सन के तुरे खातिर बहुत मेहनत के जरुरत बा।

आगे की राजनीति कैसी होगी, इस पर लेखक अशोक कुमार पांडेय आज रात साढ़े नौ बजे अपना विचार रखेंगे। उन्हें सुनना चाहिए। ये है उसका लिंक- Link : https://youtu.be/MLMfwgCe5qw

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