जाति गणना का असर, BJP के पान-तांती सम्मेलन में सौ लोग भी नहीं जुटे

जाति गणना का असर, BJP के पान-तांती सम्मेलन में सौ लोग भी नहीं जुटे

जाति गणना का असर, BJP के पान-तांती सम्मेलन में सौ लोग भी नहीं जुटे। राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि राज्य के अतिपिछड़ों ने भाजपा को दिखा दिया आईना।

बिहार भाजपा ने पटना में शनिवार को पान-तांती सम्मेलन का आयोजन किया। आयोजन स्थल को खूब अच्छी तरह सजाया गया था। भाजपा नेता और मीडिया के प्रतिनिधि के प्रतिनिधि तो पहुंच गए, लेकिन पान-तांती समाज के लोग ही नहीं आए। हाल यह रहा कि सौ लोग भी नहीं जुटे। भाजपा ने यह सम्मेलन पटना के बापू सभागार में आयोजित किया था। पान तांती समाज की अनुपस्थिति पर राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश के अतिपिछड़े समाज ने भाजपा को आईना दिखा दिया है।

चार दिन पहले भाजपा नेताओं ने पान तांती सम्मेलन में 30 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया था। भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा करते हुए पान (तांती) बुनकर महासंघ के अध्यक्ष प्रवीण दास तांती ने कहा था कि 25 नवम्बर, 2023 को बापू सभागार, पटना में वीरांगना झलकारीबाई जयंती का आयोजन किया गया है, जिसमें भाजपा के प्रदेश और केन्द्र के वरिष्ठ नेता भाग लेंगे। इसमें 30 हाजर लोग शामिल होंगे।

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि बिहार बीजेपी आज पान-ताँति समाज की बैठक बापू सभागार में बुलाई पचास आदमी की भीड़ भी नहीं जुटा पाई। दलित व अत्यंत पिछड़ी जातियो ने पूरी तरह से भाजपा को आईना दिखाया है । औक़ात समझ में आ गया होगा भाजपाईयो को पर थेथर है मानेंगे तब न भाजपा की भद पिटाई की हद हो गई अब तो मानो की कोई समाज बीजेपी के साथ नहीं है।

भाजपा के इस सम्मेलन में इतने कम लोगों के आने को बिहार में जाति गणना तथा आरक्षण को कोटा बढ़ा कर 65 प्रतिशत करने से जोड़ कर देखा जा रहा है। राजद ने कहा कि अतिपिछड़ा समाज का जो हिस्सा किसी भ्रम में भाजपा के साथ चला गया था, अब वह जान गया है कि भाजपा अतिपिछड़ों का सशक्तीकरण नहीं चाहती। दो दिन पहले भाजपा सांसद सुशील मोदी ने कहा था कि 65 प्रतिशत आरक्षम को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

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