बिहारी होना ‘शर्म नहीं, गर्व की बात’ कहने वाले बतायें 15 लाख प्रवासी अब कैसे जिंदा रहें?

जनता दल राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय कंवेनर Ashfaque Rahman ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिये बिना कहा है कि कभी उन्होंने कहा था कि अब बिहारी कहलाना शर्म नहीं, गर्व की बात है. अब 15 लाख से ज्यादा कामगार बिहार लौट चुके हैं, वह बतायें कि वे कैसे जिंदा रहेंगे?

Ashfaque Rahman
Ashfaque Rahman

Ashfaque Rahman ने कहा कि लॉकडाउन के कारण देश भर में भयावह स्तिथि है.मेहनतकश,मज़दूर,ग़रीब गठरी-मोटरी सिर पर लादे ,पांव में छाले,लहूलुहान सभी राज्यों से वापस बिहार लौट रहे हैं.उनके समक्ष बेरोज़गारी की समस्या उत्पन्न हो गयी है.

जनता दल राष्ट्रवादी नीतीश कुमार से मांग करता है कि कभी उन्होंने कहा था कि बिहारी कहलाना गर्व की बात होगी और काम के लिए लोगों को अब बिहार के बाहर नहीं जाना पड़ेगा.अच्छे भले मज़दूर,कारीगर स्वयं अपने घर आ गये हैं,उनमें असंतोष बढ़े इससे पूर्व उन्हें रोज़गार के अवसर प्रदान किया जाए.

प्रवासी अब नहीं जायेंगे वापस

जेडीआर के राष्ट्रीय संयोजक अशफाक़ रहमान का कहना है कि हमारे मज़दूर भाई इतनी भयावह स्तिथि झेल चुके हैं कि रोज़ी-रोटी की तलाश में अब दूसरे राज्यों की तरफ़ मुंह नहीं करेंगें.ऐसी स्तिथि में सरकार को इनके रोज़गार के बारे में सोचना होगा.सरकार के पास न तो नौकरी है और न कोई ऐसा सेटअप जिससे इन्हें रोज़गार मिल सके.मनरेगा के मार्फ़त सरकार मज़दूरों को कितना काम दे पायेगी या पुल निर्माण निगम कितना रोज़गार मुहैया करा पायेगा,कहना मुश्किल है.

स्माल स्केल इंडस्टरी ही एक मात्र रास्ता

अशफाक़ रहमान कहा कि मेहनतकशों,मज़दूरों को रोज़गार मुहैया कराने का एक ही तरीक़ा है कि बिहार सरकार को बड़े पैमाने पर स्माल स्केल इंडस्ट्री स्थापित करने पर ध्यान देना होगा.इसके लिए लैंड रेवन्यू एक्ट और सर्किल रेट को ख़त्म करना पड़ेगा.इसमें नब्बे प्रतिशत रेट गिराना होगा.क्योंकि इतना महंगा सर्किल रेट पर कोई भी आदमी ज़मीन ख़रीद कर उद्योग लगाना नहीं चाहेगा.

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अशफाक रहमान ने कहा कि बिहार सरकार को गुजरात की तर्ज़ पर सर्किल रेट लाना चाहिए. इंडिया में सबसे कम सर्किल रेट गुजरात में है.जबकि बिहार का सर्किल रेट मुंबई के बराबर है.यही कारण है कि मुंबई में उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं और सबसे अधिक इंडस्ट्री गुजरात में शिफ़्ट हो रहे हैं.बिहार में सर्किल रेट जब कम होगा तो हर इलाक़े में कम लागत पर ज़मीन मिलेगी और लोग छोटे-मोटे उद्योग लगा सकेंगे.

अशफाक़ रहमान ने सरकार को यह भी सुझाया है कि जिस तरह दस साल पूर्व हर गली-मुहल्ला में शराब दुकान खोलने की इजाज़त दी गयी थी ठीक उसी तर्ज़ पर हर स्थान पर इंडस्ट्री लगाना होगा.बेरोज़गारी दूर करने और राज्य की स्तिथि सुधारने का एक मात्र उपाय है कि सबसे पहले सर्किल रेट को घटाया जाए.इससे सौ करोड़,पांच सौ करोड़ से नह ीं,पचीस लाख,दस लाख,पांच लाख से भी छोटे उद्योगों की शुरुआत हो सकती है और तब बिहारी कहलाने में वाक़ई गर्व की बात होगी.

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