‘कांग्रेस की जीत पर झूमिये मत, Telangana के सियासी पैटर्न को अपनाइए और मुस्लिम लीडरशिप चमकाइए’

JDR के राष्ट्रीय कंवेनर Ashfaque Rahman ने कहा कि हालिया चुनाव में तेलंगाना के मुट्ठी भर मुसलमानों ने सियासत का जो पैटर्न पेश किया उसे अनुसरण किया जाना चाहिए.

अशफाक रहमान तेलंगाना के सियासी पैटर्न के हैं कायल

JDR के राष्ट्रीय कंवेनर Ashfaque Rahman ने कहा कि हालिया चुनाव में तेलंगाना के मुट्ठी भर मुसलमानों ने सियासत का जो पैटर्न पेश किया उसे अनुसरण किया जाना चाहिए.

जनता दल राष्ट्रवादी ने मुसलमानों से अपील की है कि व अपने राजनीतिक वजूद के लिए Telangana के पैटर्न पर चलें. JDR के राष्ट्रीय कंवेनर अशफाक रहमान ने कहा कि हालिया चुनाव में तेलंगाना के मुट्ठी भर मुसलमानों ने सियासत का जो पैटर्न पेश किया उसे अनुसरण किया जाना चाहिए.

 

उन्होंने कहा कि Telengana के सियासी पैटर्न को अपना कर ही मुसलमान अपनी सियासत व अपनी कयादत को केंद्र में ला सकते हैं. उन्होंने कहा कि तेलंगाना मॉडल को सबसे पहले बिहार में ही अपनाया जाना चाहिए. अशफाक रहमान ने कहा कि तेलंगाना के मुट्ठी भर मुसलमान जब इस पैटर्न पर चल कर कामयाब हो सकते हैं तो बिहार के 22 फीसदी मुसलमान, जो 17 फीसदी वोटर्स की हैसियत रखते हैं वे इस पर चल कर क्यों नहीं कामयाब हो सकते.

अशफाक रहमान ने कहा कि दूसरों की जीत में अपनी जीत मानने के बजाये अपनी लीडरशिप डेवलप की जानी चाहिए.

Telangana का सियासी पैटर्न

All India Majlis E Ittehadul Muslemin के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम नेतृत्व को निखारा और वहां आठ सीटों पर चुनाव लड़ के सात सीटों पर जीत हासिल कर ली. उन्होंने यह सियासी ताकत अपने नेतृत्व के बल पर हासिल किया.

 

रहमान ने कहा कि इसके लिए बिहार के मुसलमानों के बुद्धिजीवी वर्ग को सर जोड़़ कर एक मंच पर बैठने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मुसलमानों ने दिखा दिया कि जब समाज एक साथ हो तो कोई भी पार्टी उसे नजरअंदाज नहीं कर सकती.

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तेलंगाना में मुसलमानों की रणनीति इतनी मजबूत थी कि आठ सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी के सात उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर ली. उन्होंने कहा कि रणनीति सटीक रही तो वहां के उपमुख्यमंत्री का पद भी मुसलमानों के खाते में जा सकता है.

JDR लागू करना चाहता है Telangana पैटर्न

 

अशफाक रहमान ने अपने बयान में कहा कि लीडरशिप की यही क्वालिटी होती है कि वह अपने अवाम की ताकत को गोलबंद करे.

अशफाक रहमान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दूसरों की जीत-हार क अपनी जीत-हार समझते रहने से हम हाशिये पर ढ़केले जाते रहेंगे. उन्होंने कहा कि ब्रह्मणों से सबक ले कर दलितों ने ऐसी ही रणनीति अपनाई और अपनी लीडरशिप डेवलप करने में कामयाबी हासिल कर ली.

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लेकिन चिंता की बात यह है कि जैसे ही कोई मुसलमान लीडर इस रणनीति पर चलने की बात करता है तो  उसे आरएसएस व भाजपा का एजेंट बता कर छांट दिया जाता है.

अशफाक रहमान ने कहा कि महज एक एमएलए या एमएलसी बनवाने के बजाये अपनी लीडरशिप डेवलप करें. उन्होंने कहा कि बिना नेतृत्व के कोई भी समाज आगे नहीं बढा है और ना ही बढ सकता है.

Telangan पैटर्न और बदरुद्दीन अजमल

उन्होंने कहा कि आज कोई भी पार्टी मुसलमानों से समझौता करने को तैयार नहीं है. उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मौलाना बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएएफ एक मजबूत ताकत बन कर उभरी लेकिन कांग्रेस ने उस समझौता नहीं किया और भाजपा की सरकार बनने दिया. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कांग्रेस को खतरा था कि अगर बदरुद्दीन अजमल से समझौता हो गया तो वह मुख्यमंत्री बन जायेंगे. लेकिन इस मामले में तेलंगाना के मुसलमानों ने एक रास्ता दिखाया है.

अशफाक रहमान ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो कांग्रेस के तीन राज्यों में जीत जाने पर झूम रहे हैं. उन्होंने याद दिलाया कि यह वही कांग्रेस है जिसके शासनकाल में सबसे ज्यादा दंगे हुए.

उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं.

अशफाक रहमान ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस के कथित सेक्युलरिज्म का तुरंत इम्तेहान होने वाला है. यह देखने की बात है कि राजस्थान में मॉब  लिंचिंग में मारे गये पहलु खान और मध्यप्रदेश की जेलों में आठ मुस्लिम युवकों को आतंकवादी बता कर जेल में डालने वालों के खिलाफ जुडिशियल इंक्वायरी करा कर अपराधियों को सजा दिलायी जाती है या नहीं.

 

 

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