JDU अध्यक्ष पद से ललन ने क्यों दिया इस्तीफा, क्या होगा आगे

JDU अध्यक्ष पद से ललन ने क्यों दिया इस्तीफा, क्या होगा आगे

JDU अध्यक्ष पद से ललन ने क्यों दिया इस्तीफा, क्या होगा आगे। दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 29 को। आखिर क्यों नीतीश बनना चाहते हैं अध्यक्ष?

अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि जदयू सांसद ललन सिंह पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ेंगे। राजनीतिक गलियारे में खबर चल रही है कि ललन सिंह ने अपना इस्तीफा लिखकर दे दिया। हालांकि कई नेताओं ने इसका खंडन किया है, लेकिन माना जा रहा है कि जदयू अब नए अध्यक्ष का चुनाव करने को तैयार है। अब तक जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक नीतीश कुमार खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भी संभालेंगे। यहां दो सवाल हैं-पहला कि आखिर ललन सिंह ने क्यों इस्तीफा दिया और दूसरा यह कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के साथ ही पार्टी अध्यक्ष का पद भी क्यों अपने पास रखना चाहते हैं।

इसमें कोई दो राय नहीं कि जदयू में नीतीश कुमार के सबसे विश्वसनीय सहयोगी ललन सिंह रहे हैं। दोनों में राजनीतिक तालमेल की कमी कभी नहीं देखी गई। ऐसा कभी नहीं हुआ कि ललन सिंह के राजनीतिक स्टैंड का नीतीश कुमार ने विरोध किया हो। फिर क्या वजह है कि ललन सिंह पद छोड़ रहे हैं और नीतीश कुमार अध्यक्ष पद भी अपने पास रखना चाहते हैं।

स्थिति यह है कि आज नहीं तो कल नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी तेजस्वी यादव को देनी है। वे 2025 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री की कुर्सी तेजस्वी को दे दें या उस चुनाव के बाद दे दें, लेकिन भविष्य तो तेजस्वी यादव का ही है। इसके साथ ही तेजस्वी यादव राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के नेता हैं। उनका जनाधार सबसे ज्यादा है। इसलिए यह स्वाभाविक है कि सरकार का नेतृत्व तेजस्वी यादव करें।

नीतीश कुमार यह भी जानते हैं कि जिस दिन उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दी, उसी दिन उनकी पूछ खत्म हो जाएगी। थोड़े समय के लिए उन्होंने जीतनराम मांझी को कुर्सी पर बैठाया था, परिणाम से सभी वाकिफ हैं। इसलिए अपनी राजनीति और राजनीति में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि पार्टी के अध्यक्ष पद पर वे खुद रहें। वे खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे, तभी इंडिया गठबंधन की राजनीति में भी उनकी पूछ बनी रहेगी। अगर वे मुख्यमंत्री नहीं रहे और अध्यक्ष पद पर भी न रहें, तो पार्टी उनके हाथ से निकल जा सकती है।

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