Jharkhand : ये है कांग्रेस और भाजपा के बीच का फर्क

Jharkhand : ये हैं कांग्रेस और भाजपा के बीच का फर्क

कांग्रेस और भाजपा की विचारधारा का फर्क सभी जानते हैं, लेकिन Jharkhand की जमीन पर, काम में, कार्यशैली में क्या फर्क है, इसे जानना रोचक होगा।

डॉ. इरफान अंसारी, झारखंड कांग्रेस

कुमार अनिल

कांग्रेस और भाजपा की राजनीति में फर्क तो आप जानते हैं, लेकिन जमीन पर दोनों कैसे काम करते हैं, इसे देखना हो तो दोनों दलों के अध्यक्षों के सोशल मीडिया पर पोस्ट देख लीजिए। फर्क बहुत बड़ा है।

डॉ इरफान अंसारी जामताड़ा से विधायक हैं, हज कमेटी के अध्यक्ष हैं और झारखंड प्रदेश कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। वे हर दो-तीन दिनों में किसी-न-किसी गरीब आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक की टूटे-फूटे घर में पहुंचकर मदद करते दिखते हैं। ईद से एक दिन पहले वे एक गरीब आदिवासी के घर रात में पहुंचे। उस गरीब का पैर जल गया था। घाव ठीक नहीं हो रहा है और पैर सड़ रहा है। उन्होंने सबके सामने उसे रांची में इलाज कराने का वादा किया। तत्काल मदद के तौर पर हाथ में कुछ रुपए दिए। उस गरीब के लिए तो ईद से पहले ही ईद की खुशी मिल गई। ईद से दो दिन पहले वे हाफिज मोहम्मद के घर पहुंचे। उनकी कैंसर से मौत हो गई थी। चार बेटियां हैं। परिवार गरीब है। उसे भी मदद दी।

डॉ इरफान ने ट्वीट किया-6 महीना पहले #बाबूजन_मरांडी का एक पैर में बुरी तरह से आग से जल गया था। मैंने देखा, पैर बिल्कुल सड़ गया है, केवल हड्डी है। मैंने फिलहाल इलाज के लिए उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी और त्यौहार के बाद मैं इन्हें #रांची ले जाऊंगा और उनका पैर बचा दूंगा। डॉ. इरफान के ट्विटर टाइम लाइन पर हर दो दिन में वे किसी गरीब की मदद करते दिखते हैं।

उधर, झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं दीपक प्रकाश। वे राज्यसभा सदस्य भी हैं। उनके ट्विटर टाइम लाइन पर पिछले एक हफ्ते में प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के ट्वीट को बड़ी संख्या में रिट्वीट किया गया है। उन्होंने राज्यपाल रमेश बैस के साथ भेंटवार्ता करते अपनी तस्वीर पोस्ट की है। यह नहीं लिखा है कि भेंटवार्ता में किस समस्या पर बात हुई। 16 जुलाई को वे बुद्धिजीवी मंच की बैठक में शामिल थे। 14 जुलाई को रांची महानगर कमेटी की बैठक में शामिल हुए।

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डॉ इरफान अंसारी सीधे जनता से जुड़ते दिखते हैं। उनकी इस कार्यशैली का झारखंड के अन्य विधायकों और नेताओं पर भी असर पड़ना तय है।

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