जो क्रिकेट देखते भी नहीं, वे भी दे रहे बधाई

जो क्रिकेट देखते भी नहीं, वे भी दे रहे बधाई

आज भारत ने आस्ट्रेलिया को हराकर चार टेस्ट मैचों की सीरीज जीत ली। देशभर से बधाइयों का तांता लगा हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस जीत पर बधाई दी है।

आज देश ही नहीं, दुनिया भर के अखबारों में आस्ट्रेलिया पर पर भारत की धमाकेदार जीत की चर्चा है। ब्रिटेन के अखबार द गार्डियान ने इस जीत को धमाकेदार जीत कहा है। देश और प्रदेश में भी हर वर्ग के लोग भारतीय टीम को बधाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी जीत पर बधाई दी है।

सचिन तेंडुलकर ने इस जीत को यादगार जीत बताया है। नेताओं और क्रिकेट जगत के दिग्गजों ने तो बधाई दी है, उद्योगपति आनंद महिंद्रा, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी जीत पर हर्ष जताया है।

आखिर यह जीत इतनी महत्वपूर्ण क्यों बन गई?  इस जीत का महत्व सबसे ज्यादा इस बात के कारण है कि इस जीत के पीछे टीम का प्रयास है। आस्ट्रेलियाई दिग्गजों की तुलना में भारत के कम लोकप्रिय और अपेक्षाकृत नए खिलाड़ियों ने सामूहिक प्रयास से यह जीत हासिल की है। इसीलिए कई विशेषज्ञों ने क्रिकेट बोर्ड से अपील की है कि पूर्व में कई खिलाड़ियें के अच्छे प्रयास के बावजूद उन्हें भुला दिया गया। इस बार बोर्ड वाशिंगटन सुंदर, मो. सिराज, शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों को भुला न दे। इन्हें और भी मौके मिलने चाहिए।

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इस टीम ने दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी कितनी दमदार है। अगर मौका मिले, तो छोटे शहरों से भी बड़े खिलाड़ी सामने आ सकते हैं। बिहार क्रिकेट के मामले में पीछे है। अच्छा होगा कि बिहार में संसाधनों को विकसित करने पर सराकर ध्यान दे। संसाधनों की कमी की वजह से कई खिलाड़ी दूसरे प्रदेश में जाकर खेलने को बाध्य होते हैं।   

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