दिल्ली अग्निकांड में मृतक के परिवार से मिले कन्हैया

दिल्ली अग्निकांड में मृतक के परिवार से मिले कन्हैया

बेगूसराय : दिल्ली के प्लास्टिक बैग फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले बेगुसराय के मजदूर के घर कन्हैया कुमार पहुंचे और परिवार वालों को सांत्वना दी.

शिवानंद गिरि, बेगूसराय से

 

जेनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व सीपीआई नेता कन्हैया कुमार बेगूसराय में मृतक के छौड़ाही प्रखंड की नारायणपीपड़ पंचायत के बड़ी जाना स्थित घर गए और पीड़ित परिवार को सांत्वना दें कन्हैया ने नवीन के पिता राजेंद्र कुमार राम को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी के लिए हर संभव मदद का भरोसा भी दिया। कन्हैया के साथ सीपीआई के व छात्र नेता भी शामिल थे।

गौरतलब हो कि छौराही
प्रखंड के निवासी राजेंद्र राम के पुत्र नवीन कुमार का शव मंगलवार की रात 10 बजे एम्बुलेंस से गांव पहुंचते ही कोहृं मच गया। मां के लिए ललका साड़ी लाने का वादा के बदले सफेद कफन में लिपटे नवीन का शव देखते ही उसकी मां समेत परिजनो के चित्कार से माहौल गमगीन हो गया था। बूढ़े दादा-दादी ,चाचा-चाची ,बहन समेत 22 सदस्यों के परिवार के सदस्यों के करुण क्रंदन से वहां मौजूद ग्रामीण भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे। नवीन बहुत ही हंसमुख एवं मिलनसार लड़का था। गांव वालों से हिला मिला रहता था इस तरह उसकी मौत हो जाएगी इसकी कल्पना भी हम लोग नहीं कर रहे थे। ग्रामीण स्वजन को दिलासा दिला रहे थे।

 

वही फैक्ट्री मालिक एवं वहां के प्रशासन को भी कोस रहे थे। स्वजन व ग्रामीण दिल्ली सरकार को भी कोस रहे थे कि वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इतने असुरक्षित फैक्ट्री जो घनी आबादी में चल रही थी उसमें 400 मजदूर एक बिल्डिग में रह रहे थे। लेकिन प्रशासन कोई कार्यवाई नहीं कर सकी। फैक्ट्री मालिक के साथ साथ संबंधित अधिकारी भी सजा के हकदार हैं। ग्रामीण संबंधित दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग केंद्र सरकार से कर रहे हैं। मृतक नवीन के बड़े भाई मनोज कुमार ने बताया कि फैक्ट्री मालिक को अपने मजदूरों की सुरक्षा की चिता नहीं थी। असुरक्षित फैक्ट्री में झुलसने एवं दम घुटने से नवीन की मौत हुई है।

 

वहां की पुलिस एवं सिविल प्रशासन का रवैया भी असहयोगात्मक था। घंटों इंतजार के बाद भाई के शव को देखने दिया गया। बिहार सरकार के आला अधिकारी के हस्ततक्षेप एवं सहयोग से तुरंत एंबुलेंस सेवा प्रदान की गई तब देर रात तक गांव पहुंचे हैं। रास्ते भर भी बिहार सरकार के अधिकारियों ने बातचीत करते हुए हर संभव सहयोग दिया है।

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