किसान आंदोलन को फ्लाप दिखाने का था ऑर्डर, पत्रकार का इस्तीफा

किसान आंदोलन को फ्लाप दिखाने का था ऑर्डर, पत्रकार का इस्तीफा

आज एक बड़ी घटना हुई। टीवी चैनल के मालिक का आदेश था-किसान महापंचायत को फ्लाप दिखाओ। पत्रकार ने किसानों के मंच से ही दे दिया इस्तीफा।

कुमार अनिल

आज एक ऐसी घटना हुई, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर छा गई है। पहली बार किसान आंदोलन के मंच से एक पत्रकार ने इस्तीफा दे दिया। पत्रकार का नाम है रक्षित सिंह। वे एबीपी न्यूज चैनल में कार्यरत थे। इस्तीफा देने के बाद अब उन्हें देशभर से शाबाशी मिल रही है। लोग उनके निर्णय को, साहस को सलाम कर रहे हैं।

उन्होंने इस्तीफा देने के बाद लिखा-आज मेरे ऊपर भारी दबाव था कि किसान नेता जयंत चौधरी की किसान महापंचायत की समय से पहले वीडियो बनाकर उसे फ्लाप दिखाएं। मीडिया चैनल के मालिक पूंजीपति हैं और पूंजीपतियों की सरकार है। किस तरह ईमानदार पत्रकारों को झूठ बोलने और दिखाने के लिए मजबूर किया जाता है।

दो विरोधी ध्रुव पर खड़े दिखे रैदास पर तेजस्वी और मोदी

उन्होंने आगे लिखा-मुझसे ये दबाव झेला नहीं गया। मेरे जमीर ने मुझे रोक दिया ऐसा करने से। मैंने खुद को संभालकर अपने जमीर की आवाज सुनी और फैसला लिया। मीडियाकर्मी होने के नाते मुझे भारतीय संविधान को बचाए रखने का भी स्मरण था।

प्रशांत किशोर के दावे से बंगाल चुनाव में मची खलबली

रक्षित सिंह ने जब मंच से इस्तीफे का एलान किया, तो उनके समर्थन में नारे लगने लगे। इस्तीफा की घोषणा करते हुए उनका वीडियो वायरल हो गया है।

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने कहा-असाधारण घटना है किसी पत्रकार का किसान महापंचायत के मंच से अपने चैनल से इस्तीफे का एलान करना। वर्षों से रक्षित टीपीपुरम में था, पर उसका पत्रकार जिंदा था। आज के दौक में किसी आदर्श से प्रेरित होकर आकर्षक नौकरी छोड़ना आसान काम नहीं। रक्षित तुम्हें अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

गौरव पांधी ने लिखा- रक्षित सिंह किसान महापंचायत में मेरठ गए। किसानों के पक्ष में अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। उसने कहा-चैनलवाले सच दिखाने से मना कर रहे हैं। और इसीलिए मैं लात मारता हूं ऐसी नौकरी को। पांधी ने कहा-जियो। उन्होंने कहा- रक्षित की तरह और भी पत्रकारों को देश के हित में सामने आना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*