कोविड के डर से परिजन नहीं आए, ASI ने किया अंतिम संस्कार

कोविड के डर से परिजन नहीं आए, ASI ने किया अंतिम संस्कार

ऐसा वक्त है, जब मरने पर अपने भी भाग खड़े होते हैं। लेकिन मानवता अभी बची है। दिल्ली में कोरोना से मौत के बाद परिजन नहीं आए, तो ASI ने किया अंतिम संस्कार।

आज देश के आईपीएस एसोसिएशन ने अपने एएसआई को सलाम किया है। दरअसल एएसआई ने काम ही इतना शानदार और प्रेरक किया है कि आईपीएस एसोसिएशन क्या, हर कोई तारीफ कर रहा है। दिल्ली पुलिस के एएसआई सुशील दिल्ली के गोकुलपुरी में पदास्थापित हैं। उन्होंने देखा कि एक मरीज सोनू, जिसकी उम्र सिर्फ 35 वर्ष थी, का देहांत हो गया। उसके परिजन कोरोना के भय से चले गए।

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फिर एएसआई सुशील ने शव को निजी एंबुलेंस में रखा और चल पड़े खुद दाह संस्कार कराने। वे अशोक नगर स्थित क्रिमेटोरियम पहुंचे और उसका अंतिम संस्कार कराया।

आईपीएस एसोसिएशन द्वारा इस जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के बाद एएसआई सुशील पर सभी गर्व करते हुए ट्विट कर रहे हैं। श्रीधरण सक्सेना ने कहा-सुशील जी, ईश्वर आपके साथ है। आपने जो किया, उस पर हमें गर्व है। मालवीन ने ट्विट किया- आपने अपनी ड्यूटी से कहीं ज्यादा फर्ज निभाया। देबाशीष चटर्जी ने बिग सैल्यूट पेश किया।

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अब्दुल रियाज ने ट्विट किया- जय हिन्द, भाईचारा कमेटी मेंबर और अमन एकता कमेटी भागीदारी पुलिस प्रशासन दिल्ली प्रदेश की तरफ से ऐसे महान योद्धा को लाखों शुभकामनाएं व बधाई। अल्लाह ताला आपको रमजान की बरकत से परिवार सहित खुश और सलामत रखे। पुलिस प्रशासन जिंदाबाद।

डॉ. जवाहर लाल सिंह ने ट्विट किया कि एएसआई सुशील जी ईश्वर के अवतार के रूप में मदद को पहुंचे। जब अपने साथ छोड़ गए, तो उन्हें ईश्वर ने भेजा। एक ने लिखा कि लोगों में भय पैदा करने के लिए आज का मीडिया जिम्मेदार है। कई लोगों ने कहा कि यह ऐसा वक्त है, जब हमें पीड़ित की मदद के लिए आगे आना चाहिए। यही मानवता है। अगर हम एक-दूसरे की मदद करें, तो दुख कम हो जाएगा।

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