कुछ थकान मिटा रहे, कुछ माथापच्ची, प्रियंका ने निकाला मार्च

कुछ थकान मिटा रहे, कुछ माथापच्ची, प्रियंका ने निकाला मार्च

यूपी में मतदान के बाद कुछ नेता एक्जिट पोल पर माथापच्ची कर रहे हैं, कुछ मैराथन प्रचार की थकान मिटा रहे। प्रियंका हजारों महिलाओं के साथ सड़क पर क्यों उतरीं।

कुमार अनिल

लंबे चुनाव के बाद नेता अमूमन आराम करते हैं, खास लोगों से फीडबैक लेते हैं, एक्जिट पोल पर माथापच्ची करते हैं। यूपी के सात चरणों का चुनाव सात मार्च को समाप्त हुआ, तो सारे नेता यही कर रहे हैं। लेकिन प्रियंका गांधी ने बिल्कुल नया तेवर दिखाया है। वे मतदान के दूसरे दिन आज आठ मार्च को हजारों महिलाओं के साथ #लड़की_हूँ_लड़_सकती_हूँ_मार्च
नारे के साथ लखनऊ की सड़कों पर मार्च करती रहीं। सोशल मीडिया पर भी लड़की हूं, लड़ सकती हूं ट्रेंड कर रहा है। महिलाएं अपने संघर्ष का वीडियो डाल रही हैं। आखिर प्रियंका गांधी क्या संदेश देना चाहती हैं?

आज कांग्रेस ने देशभर में लड़की हूं लड़ सकती हूं नारे के साथ महिलाओं का मार्च निकाला। पटना विवि एनएसयूआई ने भी इस नारे के साथ मार्च निकाला। लेकिन लखनऊ में प्रियंका के नेतृत्व में निकला मार्च चर्चा में है।

प्रियंका गांधी ने लखनऊ में मार्च निकाल कर दो संदेश देने की कोशिश की है। पहला यह कि वे यूपी छोड़ने नहीं जा रहीं। यह आरोप कांग्रेस पर बार-बार लगता रहा है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी किसी अभियान के बाद वापस लौट जाते हैं। उनमें स्थायित्व नहीं होता। गौर करनेवाली बात यह है कि आज राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों जनता के बीच में हैं। राहुल केरल में अपने चुनाव क्षेत्र में हैं और प्रियंका यूपी में है, जिसकी वे प्रभारी हैं।

आज प्रियंका गांधी के साथ फिर हजारों की संख्या में महिलाएं थीं। उन्होंने सड़क पर मार्च किया। भाजपा के कुछ नेताओं के बारे में कहा जाता है कि वे हमेशा अभियान में रहते हैं। लेकिन यहां मैदान में आज भाजपा के कोई ऐसे अभियानी नेता जनता के बीच नहीं दिखे। दिखी तो कांग्रेस। यूपी में चुनाव परिणाम कुछ भी हो, लेकिन प्रियंका इसी तरह डटी रहीं, तो आनेवाले समय में यूपी एक नई राजनीति दिखा सकता है।

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