क्या अखिलेश की आंधी से डर गए हैं योगी आदित्यनाथ

क्या अखिलेश की आंधी से डर गए हैं योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ मैदान में नहीं दिख रहे। हॉल में सरकारी कार्यक्रम कर रहे हैं। जिन्ना-टोपी-लुंगी पर बोल रहे हैं। क्या अखिलेश की आंधी से डर गए हैं योगी?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की विजय रथ यात्रा के दौरान उमड़ी भीड़ किसी आंधी की तरह लग रही है। इस आंधी के जवाब में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लहर कहीं दिख नहीं रही। हाल यह है कि अखिलेश मैदान में खड़े होकर चुनौती दे रहे हैं और योगी पिछले कई दिनों से सरकारी कार्यक्रम कर रहे हैं। वह भी हॉल में। इसी से सवाल उठता है कि क्या अखिलेश की आंधी से योगी डर गए हैं।

योगी आदित्यनाथ ने आज दो ट्वीट किए हैं। पहला, नौसेना दिवस की बधाई से संबंधित है और दूसरा भोजपुरी में रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत होने के संबंध में। इससे भी लगता है कि योगी जी उन सवालों से बच रहे हैं, जिन पर अखिलेश हमला कर रहे हैं। अखिलेश यादव किसान, बेरोजगार युवा, कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के मुद्दे उठा रहे हैं। इनका जवाब देने से योगी आदित्यनाथ बचते दिख रहे हैं। वे कभी जिन्ना, कभी मुसलमान की बात कर रहे हैं। यूपी भाजपा के बड़े नेता टोपी-लुंगी के बहाने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं। इससे भी यही लगता है कि योगी आदित्यनाथ डर गए हैं और उन्हें एकमात्र सहारा हिंदू-मुसलमान की राजनीति से मिल सकता है।

अखिलेश यादव को खुद भाजपा की शासन शैली ने एक और तीर दे दिया। वहां टीईटी का पेपर लीक हो गया। अगर इसका सरगना कोई उर्दू नाम वाला होता, तो भाजपा बवाल कर देती, लेकिन लीक का सरगना योगी के गोरखपुर का निकला। योगी जी नौसेना दिवस की बधाई दे रहे हैं और अखिलेश ने जोरदार हमला करते हुए आज ट्वीट किया-टीईटी परीक्षा का पेपर बीयर के एक गोदाम के पते पर छपना ‘गोपनीय छपाई’ का बड़ा घोटाला है। भाजपा सरकार में तो यूँ ही हर बार पेपर ‘लीक’ होगा इसीलिए 2022 में बेरोज़गार सपा की सरकार बना रहे हैं क्योंकि उन्हें पूरा भरोसा है कि सपा के आने से ही सब कुछ फिर से ‘ठीक’ होगा।

जैसे-जैसे दिन बीत रहा है अखिलेश की स्थिति मजबूत होती जा रही है। अगर योगी आदित्यनाथ ने जवाब में रैली की और फिर सरकारी बसों को जब्त किया, तो और भी फजीहत होनी तय है। मथुरा की मस्जिद पर दावा, टोपी-लुंगी की बातें जम नहीं रही हैं। हवा हो जा रही हैं। प्रदूषण के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार बताना भी बताता है कि योगी जी की पूरी टीम बदहवास हो गई है।

रोज कुछ ऐसा हो जा रहा है जो योगी सरकार के लिए नई परेशानी बनकर सामने आ जा रहा है। अब देखिए, कल ही भाजपा की एक विधायक ने सड़क का उद्घाटन करने के लिए वारियल पटका, नारियल तो नहीं फूटा, पर सड़क फूट गई। ये कैसा राम राज्य है?

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