उत्साह की कमी, ठंड और संडे: मानव श्रृंखला के विश्व रिकार्ड का लक्ष्य प्राप्त करना गंभीर चुनौती

 एक तो ठंडा और ऊपर से संडे के कारण  बिहार में बनने वाला ह्युमेन चेन का विश्व रिकार्ड इसबार काफी चैलेंजिग लग रहा है. पिछले साल शराबबंदी के विरोध में बना ह्युमेन चेन विश्व रिकार्ड के रूप में दर्ज किया गया था.

पिछले वर्ष का रिकार्ड तोड़ना इस बार काफी चैलेंजिंग है

बिहार भर में भीषण शीत लहर का प्रकोप जारी है. उस पर से संडे होने के कारण  छात्र स्कूल नहीं जाने की आजादी का लाभ उठाने की आशंका भी जताई जा रही है. विभिन्न जिलों से जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक इसबार दहेज प्रथा व बाल विवाह के खिलाफ मानव श्रृंखला के प्रति लोगों में वह उत्साह नहीं दिख रहा है जो पिछले वर्ष दिखा था.

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 21 जनवरी को शनिवार था. शराबबंदी के खिलाफ लोगों में जागरूकता लाने के लिए 21 जनवरी 2017 को बिहार भर में 12760 किलोमीटर लम्बी  इंसाननी जंजीर बना कर विश्व रिकार्ड बनाया गया था. इस मानव श्रृंखला में 3 करोड़ 11 लाख 8 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था.

वहींं इस बार अपने ही रिकार्ड को तोड़ने के लिए बिहार सरकार ने 12760 किलोमीटर के बजाये 13660 किलोमीटर की लम्बी मानव श्रृंखला बनाने का टारगेट रखा है. इसी तरह इस बार की मानव श्रृंखला में पिछले वर्ष के 3 करोड़ 11 लाख 8 हजार लोगों के बरअक्स  साढ़े चार करोड़ लोगों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है.

विभिन्न जिलों में इस काम में लगे अधिकारियों ने बताया है कि पहली बार बनी मानव श्रृंखला के प्रति लोगों में अद्भुत उत्साह था. उस तरह का उत्साह इस बार नहीं दिख रहा है. हालांकि पटना में विरष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे पिछले वर्ष के रिकार्ड को आसानी से इस बार तोड़ कर नया रिकार्ड बनाने में सफल हो जायेंगे.

गौरतलब है कि आज दोपहर 12 बजे से 12.30 बजे तक

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