लाशों से पटी गंगा से घबराई भाजपा-संघ, हुई गुप्त बैठक

लाशों से पटी गंगा से घबराई भाजपा-संघ, हुई गुप्त बैठक

गंगा की रेत में गाड़े हजारों शव से देश परेशान है, वहीं भाजपा को इस बात की चिंता है कि अगले साल यूपी चुनाव में क्या होगा? हुई गुप्त बैठक। पीएम भी हुए शरीक।

देश कोरोना की दूसरी लहर से कराह रहा है, वहीं भाजपा को अगले साल यूपी में होनेवाले विधानसभा चुनाव की चिंता है। खबर मिल रही है कि भाजपा और संघ के आला नेताओं की एक गुप्त बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चुनाव क्षेत्र वाराणसी के कोरोना वारियर्स से बात करते हुए जिनकी मौत हुई, उन्हें याद करते हुए रो पड़े थे। दो दिन बाद सोमवार को एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक यूपी में कोरोना से मर रहे लोगों और इसका अगले साल होनेवाले विधानसभा चुनाव पर क्या असर होगा, इस बात को लेकर एक गुप्त बैठक हुई, जिसमें खुद प्रधानमंत्री भी शामिल हुए।

खबर के मुताबिक इस गुप्त बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, आरएसएस के दत्तात्रेय हासबोले और संगठन के राज्य प्रभारी सुनील बंसल शामिल थे। इस गुप्त मीटिंग से पता चलता है कि कोरोना से बदहाल यूपी में अगले साल होनेवाले चुनाव को लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व कितना चिंतित है।

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भाजपा नेतृत्व को पं. बंगाल से बहुत उम्मीद थी, पर 200 प्लस सीट का दावा करनेवाली भाजपा को वहां बुरी तरह हार मिली। अब अगर अगले साल यूपी चुनाव में पार्टी सत्ता में नहीं आ पाती है, तो फिर 2024 में लोकसभा चुनाव में पार्टी का फिर से सत्ता में आना कठिन हो जाएगा।

यूपी के वाराणसी घाटों में शवों की कतार, फिर गंगा किनारे रेत में हजारों की संख्या में गाड़े गए शव दुनियाभर में सुर्खियों में रहे। अब भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं हुई है। टीकाकरण की रफ्तार बहुत धीमी है। इसलिए आशंका है कि कोरोना का संकट फिलहाल दूर नहीं हो पाएगा।

कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह पूरा देश ऑक्सीजन, बेड के लिए परेशान हुआ और मौतों का आंकड़ा (सरकारी भी) कम होता नहीं दिख रहा है। वहीं सचमुच में कोरोना से कितने लोगों की मौत हुई, यह देश शायद कभी नहीं जान पाएगा।

भाजपा की दूसरी परेशानी भी जल्द आएगी। जब कोरोना की लहर कम होगी, तब मृतकों को मुआवजा देने का सवाल उठेगा। हजार से अधिक शिक्षकों की मौत पंचायत चुनाव में हुई है। अबतक सरकार शिक्षक संघ के दावे को मानने से इमताक तक कही है।

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