लेखक और वाट्सएप यूनिवर्सिटी में चल रहा युद्ध, जरूर देखें

लेखक और वाट्सएप यूनिवर्सिटी में चल रहा युद्ध, जरूर देखें

ट्विटर पर हमेशा बेकार की बातें नहीं होतीं। दो दिनों से महाभारत है। एक तरफ एक लेखक हैं, दूसरी तरफ वाट्सएप यूनिवर्सिटी के गुरु। है हिम्मत तो आप भी कूदिए।

इस पोस्टर में आरएसएस का एक नेता भी नहीं। लेखक अशोक पांडेय के ट्वीट से।

कुमार अनिल

ट्विटर पर एक युद्ध चल रहा है। एक तरफ हैं ‘गांधी को किसने मारा’ तथा ‘कश्मीर और कश्मीरी पंडित’ जैसी पुस्तकों के लेखक और इतिहासकार अशोक कुमार पांडेय तथा दूसरी तरफ वाट्सएप यूनिवर्सिटी के गुरु। कई गुरु अब तक थोड़ी-थोड़ी देर के लिए मैदान में उतर चुके हैं, पर फिर भाग खड़े हो रहे हैं।

अगर आप भी सावरकर को राष्ट्रभक्त मानते हैं, मानते हैं कि आरएसएस देशभक्त संगठन है, मानते हैं कि नेहरू और पटेल में झगड़ा था, भगत सिंह जब जेल में थे, तब नेहरू चुप रहे, गांधी देखने तक नहीं गए, सावरकर ने ही भगत सिंह को बचाया, देश के बंटवारे के लिए अकेले गांधी जिम्मेदार थे, गोडसे बड़ा क्रांतिकारी था और उसने गांधी को मार कर देश की सेवा की, गोडसे ने अंग्रेजों की दलाली नहीं की, नेहरू मुसलमान थे आदि-आदि तो लेखक अशोक कुमार पांडेय के ट्विटर अकाउंट पर जरूर जाइए। अगर आप खुद को वाट्सएप यूनिवर्सिटी का गुरु मानते हैं, तो एक सवाल आप भी पूछ कर देख लीजिए।

अगर आप हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को पसंद करते हैं, पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध चाहते हैं, सेक्युलर विचार रखते हैं, गांधी, नेहरू, आंबोडकर की राष्ट्र निर्णाण में भूमिका को और भी अच्छे ढंग से समझना चाहते हैं, तो आप भी अशोक कुमार पांडेय के ट्वीट जरूर पढ़ें। उन्होंने वाट्सएप यूनिवर्सिटी के गुरुओं के प्रश्न भी अटैच किए हैं, इसलिए समझने में आसानी होगी।

इस युद्ध में इतिहास के कई दबे या दबा दिए गए प्रश्न और उनके उत्तर भी मिलेंगे। लेखक ने थोड़ी देर पहले पूछा है-बलराज मधोक सबसे वरिष्ठ नेता थे जनसंघ के। ज़िंदगी लगाई थी। लेकिन वाजपेयी और आडवाणी की जोड़ी ने उनको किनारे क्यों कर दिया? उनकी आत्मकथा बाज़ार से ग़ायब क्यों कर दी गई? आज उनकी तस्वीर कहीं क्यों नहीं दिखती भाजपा के आयोजनों में?

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