33 वर्ष की चुनौतीपूर्ण सेवा के बाद सेवामुक्त हो गये आईपीएस अफसर मोहम्मद वजीर अंसारी

छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक रैंक के अफसर एम.डब्लूय अंसारी 31 दिसम्बर को रिटायर हो गये. वह भारतीय पुलिस सेवा के चर्चित अफसरों में गिने जाते हैं.

एम डब्लूय अंसारी 1984 बैच के आईपीएस अफसर रहे

मतीउर रहमान, रायपुर

उत्तर प्रदेश के ज़िला ग़ाज़ीपुर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र कमसारोबार के मौज़ा उसिया गांव के रहने वाले छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक एम.डब्लू. अंसारी का कार्यकाल दिनांक 31 दिसम्बर 2017 को पुलिस विभाग की सेवा से ख़त्म हुआ।

सन् 1984 बैच के बेहतरीन आईपीएस ऑफीसर रहे एम.डब्लू. अंसारी को पुलिस विभाग में एक अच्छे उत्कृष्ट अफसर के रूप में जाना जाता था। इनका जन्म दिलदारनगर क्षेत्र मे मौज़ा उसिया गाँव के उत्तर मोहल्ले मे 1 जनवरी 1958 ई० को जान मुहम्मद अंसारी के घर एक ग़रीब परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम अहमद अली अंसारी और माता का नाम फ़तह मदीना बेगम था। इनके पिता बंगाल पुलिस में कार्यरत थे जो देश सेवा के साथ-साथ समाज सेवक भी थे।

गुर्बत से किया संघर्ष

एम.डब्लूय अंसारी शुरु की पढ़ाई कक्षा- 1 से 5 तक गांव के इस्लामिया प्राइमरी स्कूल और कक्षा- 6 से 8 तक की पढ़ाई मुस्लिम राजपूत (वर्तमान में एस.के.बी.एम. इंटर कॉलेज) दिलदारनगर तथा, कक्षा- 9 वी और 10 वी की पढ़ाई आदर्श इंटर कॉलेज दिलदारनगर से हुई। सन् 1972 ई० में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का रुख़ किया और वहां से सन् 1974 में इंटरमीडिएट और सन 1976 में ग्रेजुएशन और सन 1979 में लॉ की पढ़ाई पूरी कर सन् 1984 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ‘आई.पी.एस’ ऑफिसर बने।इनकी पहली पोस्टिंग हैदराबाद से ट्रेनिंग के बाद सन् 1986 में मध्यप्रदेश के सागर ज़िले में हुई, उसके बाद सन् 2000 में मध्यप्रदेश राज्य से अलग हुए नए निर्मित राज्य छत्तीसगढ़ में डी.आई.जी.आर्म्ड फ़ोर्स के पद पर पोस्टिंग मिली।

सन् 2000 से अबतक छत्तीसगढ़ के पुलिस मुख्यालय के सभी पदों पर रहते हुए एक बेहतरीन पुलिस ऑफिसर के रूप में एक अच्छी देश सेवा की और 31 दिसंबर 2017 को छत्तीसगढ़ पुलिस महानिदेशक के पद पर रहते हुए, छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय रायपुर से सेवानिवृत्त हुए। एम.डब्लू. अंसारी देश सेवा के साथ-साथ स्पोर्ट्स में फुटबॉल से स्टेट भी खेले.

मौलाना आजाद फाउंडेशन से जुड़े

सन् 2013-14 के बीच मौलाना आज़ाद एजुकेशनल फाउंडेशन, दिल्ली के सचिव के पद पर रहते हुए कमसारोबार क्षेत्रो मे खेल एवं शिक्षा पर कई तरह के बेहतरीन सामाजिक काम भी किए इसके अलावा स्पोर्ट्स में भोपाल और छत्तीसगढ़ राज्य के रेस्टलिंग, फुटबॉल, हॉकी संघ-महासंघ के सचिव भी रहे। इनकी ख़ुद की अपनी बेनज़ीर अंसार एजुकेशनल सोसाइटी और स्पोर्ट्स के लिए अंसार स्पोर्ट्स क्लब भी है जिसके तहत अपने कमसारोबार क्षेत्रो मे समाज सेवा के साथ-साथ स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा देने का काम किया करते है।

एक ख़ास मुलाक़ात मे उन्होंने अपने कमसारोबार इलाक़ों की खेल एवं शिक्षा की बदहाल स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुझसे मायूसी और नाराज़गी भी ज़ाहिर की, और कहा कि ‘शहाब’ काश मेरे इलाके के बच्चे-बच्चियां सिविल सर्विसेज की तैयारी दिली लगन से करते और अपनी खेल एवं शिक्षा पर जोर देते तो मुझे भी दिली ख़ुशी होती। अतः इनके बड़े भाई कांग्रेस सरकार मे यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के मेम्बर रहे डॉक्टर मुख़्तार अंसारी भी कमसारोबार इलाके की शिक्षा पर फिलहाल ग़ौरो-फ़िक्र कर रहे। एम.डब्लू. अंसारी को पुलिस ऑफिसर के रूप में उत्कृष्ट देश सेवा के लिए सन 2001 मे सराहनीय सेवा और सन 2011 मे विशिष्ट सेवा मे राष्ट्रपति पुरुस्कार भी प्राप्त है।

कलम लोक में प्रकाशित

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