महावीर को माननेवाले जैन ग्रुप में भी क्रिसमस पर नफरत

महावीर को माननेवाले जैन ग्रुप में भी क्रिसमस पर नफरत

दूसरे धर्म से नफरत की आग केवल हरिद्वार की धर्म संसद में ही नहीं थी, बल्कि जिस भगवान महावीर ने सबसे मैत्री पर जोर दिया, उनके माननेवाले भी जद में।

24 दिसंबर की संध्या पटना के रामकृष्ण मिशन आश्रम में ईसा मसीह के जन्म पर दीप जलाए गए, आरती हुई, प्रसाद बंटे।

कुमार अनिल

भगवान महावीर ने आदमी ही नहीं, हर जीव से मैत्री पर जोर दिया। यह मैत्री अहिंसा का आधार है। महावीर ने अपने समय की धर्मांधता के खिलाफ लड़ाई छेडी। आज की धर्मांधता के खिलाफ उनके अनुयायी क्या कर रहे हैं?

आज क्रिसमस मनाया जा रहा है। एक वाट्सएप ग्रुप, जिसमें सर्वाधिक संख्या भगवान महावीर को माननेवालों की है, में एक मैसेज आया। एक व्यक्ति ने Forwarded many times मैसेज को ग्रुप में डाला। लिखा था-ना भेजनेवाला ईसाई, ना पानेवाला ईसाई। समझ में नहीं आया किस बात की क्रिसमस की बधाई। क्या इसी तरह नहीं हो रही हिंदू धर्म की विदाई!

इस मैसेज पर एक ने लिखा- हिंदू वह नहीं जो लोगों को बांट कर देखता है। हिंदू वह है जो वसुधैव कुटुंबकम को मानता है। भगवान महावीर ने भी हर जीव से प्रेम करने को कहा। काला, गोरा, हिंदू-मुस्लिम देखकर मैत्री नहीं करनी है। मैत्री सबसे करनी है। देशभर के रामकृष्ण मिशन आश्रम में क्रिसमस मनाई जाता है। योगदा सत्संग समिति भी क्रिसमस मनाती है। कल पटना में योगदा संन्यासियों ने क्रिसमस मनाया। दरअसल, हरिद्वार की नफरती धर्म संसद से हिंदुओं का सिर झुका है। न्यूयार्क टाइम्स और बीबीसी वर्ल्ड तक में यह खबर आई है।

उधर, पटना के रामकृष्ण मिशन आश्रम में ब्रह्मचारियों-संन्यासियों ने कल रात क्रिसमस मनाया और प्रभु ईसा के जन्म पर खुशी जताई। आश्रम से जुड़े चंदन ने बताया कि कोरोना को देखते हुए और नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम किया गया। दो साल पहले जब कोरोना नहीं था, तब हर वर्ष इस अवसर पर बड़ा कार्यक्रम होता था, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग आते थे। इस बार कम लोगों को आमंत्रित किया गया।

सबसे पहले श्रीरामकृष्ण परमहंस जी की संध्या आरती हुई। उसके बाद पुजारी महाराज ब्रह्मचारी अरूप महाराज ने भगवान ईसा मसीह की पूजा, आरती एवं केक काटा। सबने भगवान ईसा मसीह से प्रार्थना की। इसके बाद भक्तों ने ईसा मसीह के सामने मोमबत्ती जला कर प्रार्थना की। आश्रम छात्रावास के बच्चे एवं सन्यासियों ने coral गान गाए तथा अंत में सभी भक्तों में प्रसाद, केक बांटा गया।

रामकृष्ण मिशन आश्रम से जुड़े मनीष ने वह वृतांत भेजा है, जिसमें पहली बार स्वामी विवेकानंद ने ईसा मसीह का जन्मदिन मनाया। उस वक्त स्वामी जी सहित सभी नौ प्रमुख संन्यासी बंगाल के अंतापुर में ध्यान कर रहे थे। तब बाईबिल का पाठ भी किया गया था। इस वृतांत पर चर्चा फिर कभी।

गांधीवादी चिंतक और पटना जैन संघ के अध्यक्ष प्रदीप जैन ने भी सबको क्रिसमस की बधाई दी। उन्होंने प्रख्यात सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक के बनाए शांता क्लाज का चित्र शेयर किया, जिसे 5400 गुलाबों को जोड़कर बनाया गया। प्रदीप जैन का मैसेज यह विश्वास दिलाता है कि भगवान महावीर का मैत्री सिद्धांत इतना कमजोर नहीं। उनके विचार इस माटी में जिंदा हैं।

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