वैक्सीन लेने के 22 दिन बाद मेडिकल छात्र की मौत

वैक्सीन लेने के 22 दिन बाद मेडिकल छात्र की मौत

वैक्सीन लेने के 22 दिन बाद मेडिकल छात्र की मौत

एक तरफ प्रधान मंत्री, केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री वैक्सीन खुद ले कर लोगों का विश्वास बढ़ाने में लगे हैं दूसरी तरफ वैक्सीन लेने के 22 दिन बाद पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज के छात्र की मौत हो गयी है.

मेडिकल छात्र शुभेंदु सुमन की मौत उनके पैतृक गांव बेगूसराय में सोमवार को हुई. शुभेंदु ने अपने साथियों के साथ 22 दिन पहले वैक्सीन का पहला डोज लिया था.

इस घटना के बाद अब इस मेडिकल कॉलेज के सभी छात्रों का RT-PCR टेस्ट कराया जा रहा है.


शुभेंदु सुमन ने फरवरी के पहले हफ्ते में वैक्सीन ली थी लेकिन 25 फरवरी को वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए. इसके बाद वो अपने घर बेगुसराय चले गए, जहां 27 फरवरी को उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन सोमवार की शाम उनका निधन हो गया.

इस बीच एनडीटीवी की खबर में बताया गया है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने छात्र की मौत के बाद कहा कि ‘यह समझना होगा कि एंटीबॉडी वैक्सीन लगने के छह सप्ताह के बाद बनती है. दूसरे डोज के 14 दिन बाद से एंटीबॉडी बनती है. ऐसे में यह गलत है कि पहले डोज के बाद से ही एंटीबॉडी बनने लगेगी.’

वैक्सीन लेने के बाद मौत की एक अन्य घटना महाराष्ट्र में भी दर्ज की गयी है. भिवंडी में 45 साल के एक शख्स ने वैक्सीन लगवाई. वैक्सीन लगवाने के 15 मिनट बाद ही ऑब्जर्वेशन रूम में वो बेहोश हो गया. यहां से अस्पताल ले जाया गया, जहां शख्स को मृत घोषित कर दिया गया.

गौरतलब है कि भारत में निर्मित वैक्सीन के बारे में शुरू से सवाल उठाये जाते रहे हैं. दूसरी तरफ सरकार अपने स्तर से वैक्सीन को परफेक्ट बताती रही है और किसी भी अफवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान में लगी है. इस कड़ी में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत अनेक केंद्रीय मंत्री व यहां तक कि बिहार के मुख्यमंत्री ने भी वैक्सीन लेते हुए अपनी तस्वीरे ट्वीट की ताकि वैक्सीन के प्रति लोगों में विश्वास बढ़े.


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