खबर का असर, NRC पर खतरनाक पत्र लिखने वाले BDO को पद से हटाया गया

खबर का असर, NRC पर खतरनाक पत्र लिखने वाले BDO को पद से हटाया गया

यही पत्र लिखा था सतीश कुमार सिंह ने

नौकरशाही डॉट कॉम ने सबसे पहले चलायी थी खबर

दीपक कुमार ठाकुर
           (बिहार ब्यूरो चीफ)
पटना :(नौकरशाही डॉट कॉम) बिहार सरकार ने मोकामा के बीडीओ पर कार्रवाई कर दी है. कार्रवाई उस चिट्ठी को लेकर हुई है जिसमें मोकामा बीडीओ ने एनआरसी की चर्चा कर दी थी.हालांकि बाद में एक और चिट्ठी जारी कर उन्होंने इसे टाइपिंग मिस्टेक बताया था. लेकिन अब बिहार सरकार ने उन पर कार्रवाई कर दी है.
एनआरसी को लेकर भ्रम फैलाने को लेकर सरकार ने मोकामा बीडीओ को पद से हटा दिया है. अब मोकामा बीडीओ ग्रामीण विकास विभाग, पटना में योगदान करेंगे.
बता दें कि मोकामा बीडीओ ने अपने एक पत्र में NPR की जगह NRC लिख दिया था. जिसके बाद बिहार में विपक्षी दलों ने सीएम नीतीश और सरकार पर जमकर हमला बोला था. रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सीएम नीतीश पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया था कि आप तो पीएम नरेंद्र मोदी से भी आगे निकल गए. पीएम कहते हैं कि एनआरसी को लेकर कोई चर्चा ही नहीं है और एनआरसी की प्रक्रिया भी कराने लगे.

मोकामा BDO की घातक मंशा

चिट्ठी में मान भी लिया जाये कि एनपीआर की जगह भूलवश एनआरसी लिख दिया गया हो लेकिन उस पत्र की अगली पंक्ति काफी घातक है. उसमें  स्कूल के हेडमास्टरों को लिखा गया था – ऐसा प्रतीत होता है कि आप एनआरसी के विरोधी हैं और आप किसी खास राजनीतिक दल के समर्थक हैं.
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दरअसल 28 जनवरी को पटना के मोकामा प्रखंड के बीडीओ ने अपने प्रखंड के तीन सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को पत्र लिखा था. पत्र में कहा गया था कि NRC के लिए हर स्कूल से दो-दो शिक्षकों की मांग की गई थी. हालांकि बीडीओ अपने पत्र में जनगणना के लिए शिक्षकों की तैनाती की बात कर रहे थे. इस बाबत उन्होंने एक दूसरी चिट्ठी भी जारी किया था और बताया था कि उस पत्र में टाइपिंग मिस्टेक हो गई थी। हालांकि पत्र की भाषा से ऐसा नहीं लग रहा था कि यह प्रिंटिंग की गड़बड़ी है।
अपनी गलती का एहसास होने के बाद 29 जनवरी को मोकामा के बीडीओ ने दूसरा पत्र भी जारी किया था. जिसमें पहले के पत्र में टाइपिंग में गलती होने की जानकारी दी गई थी. दूसरे पत्र में साफ साफ कहा गया था कि NRC का जिक्र भूलवश हुआ है. लिहाजा पहले के पत्र को निरस्त माना जाए. इस पत्र को लेकर तेजस्वी यादव, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी के बाद लालू यादव ने भी ट्वीट किया था और सरकार पर निशाना साधा था.सरकारी पत्र में राजनीति से प्रेरित होने वाली बात पर भी बीडीओ ने भूलवश ऐसा प्रिंट होने की बात नौकरशाही डॉट कॉम को बतायी थी। बीडीओ के उस पत्र पर सियासी बवाल मच गया। इस आशय की खबर सबसे पहले नौकरशाही डॉट कॉम ने ही उजागर किया था। अंततः सरकार ने बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई कर मामले को शांत कर दिया है।

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