गोपालगंज ट्रिपल मर्डर जैसी बेचैनी मुसलमानों की हत्या पर क्यों नहीं दिखाते तेजस्वी?

जनता दल राष्ट्रवादी के संयोजनक अशफाक रहमान ने गोपालगंज ट्रिपल मर्डर पर राजद को घेरते हुए कहा है कि वह इस तरह की बेचैनी कभी मुसलमानों की हत्या पर क्यों नहीं दिखाता.

Ashfaque Rahman
Ashfaque Rahman

अशफाक रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करती है उन्होंने कहा कि हत्या या हिंंसा किसी जाति या किसी भी पार्टी से हो,सही नहीं ठहराया जा सकता है.

जेडीआर के राष्ट्रीय संयोजक अशफाक़ रहमान का कहना है कि गोपालगंज में ट्रिपल मर्डर पर जिस तरह की राजनीति राजद कर रहा है वह घोर निंदनीय है.प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस तरह की बेचैनी कभी मुसलमानों को लेकर नहीं दिखायी.

राजद के आंदलन में हुई आमिर की मौत पर बेचैन क्यों नहीं हुए तेजस्वी

21 दिसंबर को राजद की बंदी के दिन 18 वर्षीय आमिर हंजला सांप्रदायिक हिंसा के भेंट चढ़ गये. वह राजद के ही एक बड़े मुस्लिम नेता के रिश्तेदार भी थे.मगर हंजला की हत्या पर तेजस्वी बेचैन नहीं दिखे.परिजनों को सांत्वना देने तक नहीं पहुंचे.इसी तरह सीतामढ़ी में एक मुस्लिम बुजुर्ग ज़ैनुल अंसारी मॉब लिंचिंग में मारे गये थे.सांप्रदायिक तत्वों ने उन्हें ज़िंदा जला दिया था.तेजस्वी इस बर्बरता पर ज़रा भी नहीं तड़पे थे.

अशफाक रहमान ने कहा कि मुसलमानों के ऐसे कई मामले आये जिसे देख कर समाज को खून के आंसू निकल आये.मगर राजद की ओर से न कोई आंदोलन हुआ और न धरना-प्रदर्शन.अशफाक़ रहमान कहते हैं कि राजद के पास सिर्फ़ मुस्लिम वोटर्स बचे हैं.मुसलमानों के सहारे ही पार्टी चल रही है.यादव अब राजद में रहा नहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव में राजद की बुरी हार इसका धोतक है.राजद के यादव अब भाजपा के साथ है.बावजूद इसके तेजस्वी को यादवी राजनीति पर ही भरोसा है.

अशफाक़ रहमान कहते हैं कि राजद के पास सिर्फ़ मुस्लिम वोटर्स बचे हैं.मुसलमानों के सहारे ही पार्टी चल रही है.यादव अब राजद में रहा नहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव में राजद की बुरी हार इसका धोतक है.राजद के यादव अब भाजपा के साथ है.बावजूद इसके तेजस्वी को यादवी राजनीति पर ही भरोसा है.

उन्होंने कहा कि जब गोपालगंज मार्च पर पुलिस ने तेजस्वी को रोका तो वह शिकायत करने एक प्रतिनिधि मंडल के साथ विधानसभा अध्यक्ष से मिलने गये. राजद के प्रतिनिधिमंडल में भी मुस्लिम नेता को किनारे कर दिया गया.तीन नेताओं में दो तो तेजस्वी और तेजप्रताप दोनों भाई ही थे.अब्दुलबारी सिद्दीक़ी राजद के बड़े मुस्लिम नेता हैं.लेकिन राजद ने उन्हें प्रतिनिधिमंडल में रखने लायक़ नहीं समझा. दिलचस्प बात यह है कि सिद्दीकी और विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन पर भी मुक़दमा दर्ज हो गया.मतलब राजद के मुस्लिम नेता सज़ा भुगतने के लिए हैं,उन्हें फ़्रंट पर नहीं रखा जाता है.

अशफाक रहमान ने कहा कि तेजस्वी यादव को मुसलमानों के दुःख-सुख से कोई लेना-देना नहीं है.राजद के क़द्दावर मुस्लिम नेता तस्लीम उद्दिन से लेकर अब्दुल गफ़ूर की मौत पर उनके जनाज़े में शामिल होना तेजस्वी ने गवारा नहीं समझा.

रहमान ने कहा कि तेजस्वी मुसलमानों के दुःख-सुख में कभी शामिल नहीं होते.उन्हें मुसलमानों का सिर्फ़ वोट चाहिये.राज्यसभा का टिकट देने की बारी आती है तो उस समाज को मुसलमानों पर तरजीह देते हैं,जो राजद को वोट नहीं देता या जिनकी आबादी महज़ दो प्रतिशत है.

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ राजद ने दिल से मुसलमानों का साथ नहीं दिया.तेजस्वी मुसलमानों के मंच से प्रवचन तो देते रहे मगर पार्टी का एक भी नेता धरना पर नहीं बैठा.

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