मुस्लिमों के कत्लेआम के आह्वान पर बॉलीवुड चुप क्यों : जावेद

मुस्लिमों के कत्लेआम के आह्वान पर बॉलीवुड चुप क्यों : जावेद

कवि-गीतकार जावेद अख्तर आहत हैं। उन्होंने पूछा- 20 लाख मुस्लिमों के कत्लेआम के आह्वान, मुस्लिम महिलाओं की बोली लगाने पर बॉलीवुड चुप क्यों है?

कुमार अनिल

कवि-गीतकार, स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर ने आज पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र से भी सवाल किया। उन्होंने कहा- देश में धर्म संसद के नाम पर 20 लाख मुस्लिमों के कत्लेआम का आह्वान किया जा रहा है, बुल्ली डील्स के नाम पर मुस्लिम महिलाओं की खुलेआम बोली लगाई जा रही है, इसके बावजूद पूरा बॉलीवुड चुप है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी पूछा कि वे चुप क्यों हैं, कब बोलेंगे?

जावेद अख्तर के सवाल करते ही धार्मिक उन्मादी बौखला गए। हिंदुत्व ब्रिगेड उनके खिलाफ अनाप-शनाप लिखने लगा। यहां तक कि उनके दादा तक को गला देने लगे, जो स्वतंत्रता सेनानी थे और जिन्हें अंग्रेजी हुकूमत ने कालापानी की सजा दी थी। काला पानी की सजा के दौरान ही उनकी मृत्यु हुई। देश के लिए मर-मिटनेवाले स्वतंत्रता सेनानी को भी ये हिंदुत्व ब्रिगेड गाली दे रहा है।

जावेद अख्तर ने थोड़ी देर पहले ट्वीट किया- जैसे ही मैंने मुस्लिम महिलाओं की ऑनलाइन बोली लगाने, गांधी के हत्यारे गोडसे की जय करनेवाले तथा मुस्लिमों के जनसंहार के लिए सेना, पुलिस और आम लोगों को उकसाने पर अपना विरोध जताया, तुरत कट्टर हिंदुत्ववादियों ने मुझे गाली देना शुरू कर दिया। वे मेरे परदादा को भी गाली देने लगे, जो स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्हें अंग्रेजों ने काला पानी की सजा दी और यहीं 1864 में उनका देहावसान हुआ।

देश जब भी किसी संकट में होता है, ये सेलिब्रेटी चुप्पी साध लेते हैं। पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर में जब लोग अपने परिजनों को गंगा की रेत में दफनाने को मजबूर थे, तब भी ये चुप थे और अब धर्म संसद के नाम पर कत्लेआम का आह्वान किए जाने पर भी मौन हैं। उनसे क्या उम्मीद करना, जो 700 किसानों की शहादत पर कहते हैं कि क्या वे मेरे लिए मरे?

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