नौकरशाही डॉट कॉम का अध्ययन: ट्विटर पर राहलु गांधी के सामने हांफ रहें हैं नरेंद्र मोदी

गुजरात चुनावों के दौरान नौकरशाही डॉट कॉम ने  बीते एक हफ्ते में राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के चुनावी ट्विट्स का अध्ययन किया जिससे पता चलता है कि राहुल के ट्विट्स की लोकप्रियता के सामने मोदी के पसीने छूट गये हैं.

इर्शादुल हक, एडिटर नौकरशाही डॉट कॉम

यह स्थिति तब है जब मिस्टर मोदी के ट्विटर अकाउंट के फॉलोअर्स की संख्या 3 करोड़ 77 लाख है. जबकि राहुल गांधी के फालोअर्स की संख्या 48 लाख से भी कम है.

इसका मतलब हुआ कि मिस्टर मोदी के फालोअर्स की संख्या मिस्टर राहुल से लगभग 7 गुणा ज्यादा है. लिहाजा मोदी के ट्विट पर राहुल से सात गुणा ज्यादा लोगों की नजर पड़ती है. लेकिन जब राहुल और मोदी के ट्विट्स पर लाइक्स और रिट्विटट का जब अवलोकन किया गया तो जो नतीजे सामने आये हैं उससे साफ लगता है कि मोदी के ट्विट्स को पसंद या रिट्विट( शेयर) करने वालों की संख्या राहुल से काफी कम है.

तुलना

राहुल गांधी ने 7 दिसम्बर को 4 ट्विट्स किये. उनके ट्विट्स को रिट्विट करने वालों की  संख्या इस प्रकार थी. राहुल ने गुजरात मांगे हिसाब हैशटैग से ट्विट किया तो उसे 8 हजार रिट्विट्स और 19 हजार लाइक्स मिले. इसी तरह उसी दिन उन्होंने  मोदी द्वारा भद्दे शब्दों के इस्तेमाल पर ट्विट किया तो उसे 10 हजार रिट्विट और 28 हजार लोगों ने पसंद किया. इसी दिन राहुल ने हिंदी में ट्विट करते हुए मोदी द्वारा अभद्र भाषा के प्रोयग पर ट्विट किया तो उसे 15 हजार लोगों ने पसंद किया जबकि लगभग 6 हजार लोगों ने उसे रिट्विट किया. 7 दिसम्बर को ही राहुल ने #ModiDisrspectGujrat ट्विट किया तो उसे 19 हजार लोगों ने लाइक किया जबकि लगभग 8.2 हजार लोगों ने रिट्विट किया. 8 नवम्बर को राहुल ने #गुजरातमांगेहिसाब हैश टैग से ट्विट किया तो उसे  7.4 हजार रिट्विट और 18 हजार लाइक्स मिले.

किसकी लोकप्रियता कितनी

राहुल ने 6 दिस्म्बर को एक ट्विट किया तो उसे 35 हजार लोगों ने पसंद किया जबकि 12 हजार लोगों ने रिट्विट किया. यह ट्विट अंग्रेजी में था जिसमें राहुल ने लिखा है कि गलतियां इंसान से होती हैं. भाजपा के दोस्तों हम अपनी गलतियों से ही सीखते हैं यही इंसान की खासियत है. इसी दिन राहुल ने एक और ट्विट किया जिसे 7.4 रिट्विट और 17 हजार लाइक्स मिले. इसमें राहुल ने गुजरात मांगे हिसाब हैश टैग लगया था.

4 दिसम्बर को राहुल ने गुजरातमांगेजवाब हैशटैग से ट्विट कर मोदी से सवाल किया तो उसे 16 हजार लाइक्स और 7.9 हजार रिट्विट मिले.

3 दिसम्ब को डरोमत हैशटैग के ट्विट को 8 हजार रिट्विट मिला जबकि 20 हजार लोगों के लाइक्स मिले. इसी दिन मोदी ने अनेक ट्विट्स किये. जिसमें उन्हें राजेंद्र बाबू की जयंती पर किये गये ट्विट्स को 23 हजार लाइक्स मिले. हालांकि चुनाव से जुड़े ट्विट, जो मोदी ने किये उसमें सर्वाधिक 20 हजार लोगों ने लाइक्स किये जो राहुल गांधी के एक ट्विट के बराबर लाइक्स है. लेकिन मोदी के किसी चुनावी ट्विट को राहुल से ज्यादा लोकप्रियता नहीं मिली.

ट्विट बनाम ट्विट

मोदी ने 7 दिसम्बर को 7 ट्विट्स किये.जिसमे  एक ट्विट पर  उन्हें 6 हजार लाइक्स और 1.9 हजार रिट्विट्स   मिले. जबकि एक ट्विट में मोदी ने वीडियो अपलोड किया तो उस पर उन्हें 1.7 रिट्विट और 7.6 लाइक्स मिले. यह ट्विट #Mannkibat की थी.  इसी तारीख यानी 7 दिसम्बर को मोदी ने कांग्रेस के मनिशंकर अय्यर द्वारा नीच कहे जाने के मुद्दे पर ट्विट किया तो उन्हें सर्वाधिक 18 हजार लाइक्स मिले जबकि 6.5 रिटि्वट हुआ. यह संख्या मोदी की सर्वाधिक पसंद बनी. जबकि इसी दिन राहुल के ट्विट को मोदी से ज्यादा यानी 28 हजार लोगों ने पसंद किया था जबकि 10 हजार लोगों ने रिट्विट किया था. इस तरह मोदी से करीब दोगुणा ज्यादा पसंद राहुल के ट्विट को किया गया.

6 दिसम्बर को मोदी ने कोई दर्जन भर ट्विट किये. जिसे पसंद करने वालों की अवसत संख्या प्रति ट्विट 6 हजार के करीब थी. इस दिन सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाले ट्विट्स को सर्वाधिक 16  हजार लाइक्स मिले हैं. याद रहे कि इसी तारीख को राहुल के किसी एक ट्विट को सर्वाधिक पसंद करने वालों की संख्या 17 हजार थी, जो मोदी की सर्वाधिक पसंद किये जाने वाले ट्विट से एक हजार ज्यादा लोगों द्वारा पसंद किया गया.

3 दिसम्बर के मोदी के अनेक ट्विट्स में से सर्वाधिक लोकप्रियता राजेंद्र बाबू वाले ट्विट को 23 हजार लाइक्स के साथ मिली, जो कि गैरचुनावी ट्विट था. लेकिन चुनावी ट्विट्स में इस दिन मोदी ने महज राहुल की बराबरी की पर उनसे आगे नहीं बढ़ सके.

4 दिसम्बर को भी मोदी ने अनेक ट्विट्स किये. इनमें एक ट्विट पर उनकी सर्वाधिक लाइक्स 21 हजार थी. इस ट्विट में उन्होंने अपनी चुनावी रैली की जानकारी शेयर की थी. इस ट्विट को 3.9 हजार रिट्विट मिले थे.इस दिन राहुल के ट्विट को मोदी के दोगुणा रिट्विट मिले थे लेकिन लाइक्स में इस दिन राहुल मोदी से पिछड़ गये थे और उनके ट्विट को मात्र 16 हजार लाइक्स मिले थे.

राहुल और मोदी के ट्विटर युद्ध में एक खास बात ध्यान रखने की यह है कि मोदी के फालोअर्स की संख्या करीब 7 गुणा ज्यादा है. इस तरह देखें तो मोदी के ट्विट पर राहुल से 7 गुणा ज्यादा लाइक्स और रिट्विट मिलने चाहिए थे. पर ऐसा अब तक किसी भी ट्विट में नहीं देखा गया.

 

 

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