नवादा पुलिस ने की ज़ुल्म की हदें पार तस्वीर देखिये कैसे एक समुदाय को रुलाया खून के आंसू

आपने खून के अंशों रोने की घटनाओं का ज़िक्र कहानियों में सुना होगा. लेकिन इन तस्वीरों में देखिये नवादा पुलिस ने अल्पसंख्यक महिलाओं पर किस बेरहमी से लाठियां बरसाई कि उनकी आँखों से खून निकल रहा है.

नवादा पुलिस का तांडव खून के आन्सो रोटी महिला

नवादा के धमौल ओपी के धरहरा गांव में 31 मई को क्रिकेट के मामूली विवाद ने सांप्रदायिक रंग ले लिया लेकिन पुलिस पर आरोप है की उसने ज़ुल्म की हद पार करते हुए घरों में घुस कर एक समुदाय के बच्चे और महिलाओं पर बेरहमी से तांडव मचाया.

क्रिकेट खेलने को लेकर हुए मामूली घग्दे ने सांप्रदायिक रूप ले लिया जिससे दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए. दोनों समुदाय की ओर से गाली गलौज एवं मारपीट होने की सूचना पुलिस प्रशासन को मिली. पुलिस का कहना है की उसने मामले को शांत करा दिया है. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है की पुलिस ने भरी ज्यादती की.

ग्रामीणों से बात करने पर पता यह चला के पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही थी. विशेष समुदाय को प्रताड़ित करने का उसने कोई कसार नहीं चूड़ा. घर में घुसकर मारपीट एवं बच्चों के साथ भी मारपीट की गयी.

नवादा में पुलिस का जुल्म

ग्रामीण नुसरत परवीन पति मोहम्मद अशफाक ने पत्रकार साजिद हुसैन को बताया कि जबरदस्ती पुलिस उसके घर के दरवाजे को तोड़कर अंदर घुस गई और उसकी छोटी बहन एवं नुसरत परवीन एवं उसके बच्चे के साथ लाठी से मारपीट की जिससे वह लहूलुहान हो गए.

इधर पुलिस की इस तरह की एकतरफा कार्रवाई की जिला नवादा सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन इकबाल हैदर खान मेजर ने कड़ी निंदा की और दोषी पुलिसकर्मियों व अफसरों की करतूत की जाँच कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग सर्कार से की है.

इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है.

गौरतलब है की नवादा साम्प्रदायिक रूप से काफी संव्दंल्शील जगह है. पिछले दो वर्षों में वहां अनेक दंगे हो चुके हैं.

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