नये भारत के निर्माण में जुटने की जिम्‍मेदारी बढ़ी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में रामजन्मभूमि को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले को इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय करार दिया है और कहा है कि इस फैसले के बाद देश के नागरिकों पर नये भारत के निर्माण के लिए जुटने की जिम्मेदारी बढ़ गयी है।

श्री मोदी ने यहां राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए कहा कि आज उच्चतम न्यायालय ने एक ऐसे महत्वपूर्ण मामले पर फैसला सुनाया है, जिसके पीछे सैकड़ों वर्षों का एक इतिहास है। पूरे देश की ये इच्छा थी कि इस मामले की अदालत में हर रोज़ सुनवाई हो, जो हुई, और आज निर्णय आ चुका है।

उन्होंने कहा कि जो भी भारत के प्राणतत्व को समझना चाहेगा, उसे आज के दिन और आज की घटना का उल्लेख करना पड़ेगा। सवा सौ करोड़ भारतीय इतिहास रच रहे हैं। भारत की न्यायपालिका के इतिहास में भी आज का ये दिन एक स्वर्णिम अध्याय की तरह है। इस विषय पर सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने सबको सुना, बहुत धैर्य से सुना और सर्वसम्मति से फैसला दिया।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस फैसले के पीछे दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है। इसलिए देश के न्यायाधीश, न्यायालय और हमारी न्यायिक प्रणाली अभिनंदन के अधिकारी हैं। फैसला आने के बाद जिस प्रकार हर वर्ग ने, हर समुदाय ने, हर पंथ के लोगों ने, पूरे देश ने खुले दिल से इसे स्वीकार किया है, वो भारत की पुरातन संस्कृति, परंपराओं और सद्भाव की भावना को प्रतिबिंबित करता है।

श्री मोदी ने कहा कि आज अयोध्या पर फैसले के साथ ही 9 नवंबर की ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे ही है। नए भारत में भय, कटुता, नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं है। इस फैसले ने यह संदेश दिया है कि कठिन से कठिन समस्या का समाधान कानून एवं संविधान के दायरे में संभव है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च अदालत का ये फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है। इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो, लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से नये भारत के निर्माण में जुटेगी। अपना विश्वास एवं विकास इस प्रकार से करना है कि साथ चलने वाला कोई पीछे नहीं छूटे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राममंदिर निर्माण का फैसला आने के बाद हर नागरिक पर राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी बढ़ गयी है। देश की न्यायपालिका का सम्मान करने का दायित्व बढ़ गया है। अब समाज के नाते, हर भारतीय को अपने कर्तव्य, अपने दायित्व को प्राथमिकता देते हुए काम करना है। हमारे बीच का सौहार्द, हमारी एकता, हमारी शांति, देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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