अल्‍पवर्षा प्रभावित पंचायतों में प्रति परिवार 3 हजार रुपये भुगतान की हुई शुरुआत

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अल्प वर्षा के कारण राज्य के प्रभावित पंचायतों के परिवारों को तत्काल सहायता देने के उद्देश्य से 3000 रुपये प्रति परिवार की दर से उनके बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भुगतान का आज शुभारंभ किया।

श्री कुमार ने एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में 2019 में अल्प वर्षापात के कारण राज्य के प्रभावित पंचायतों के परिवारों को तत्काल सहायता के लिए 3000 रुपए प्रति परिवार की दर से उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भुगतान का शुभारंभ माउस क्लिक कर किया। वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ होते ही पहले चरण में प्रभावित पंचायतों के कुल एक लाख छब्बीस हजार नौ सौ अठारह सत्यापित परिवारों को 38 करोड़ 7 लाख 54 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि का अंतरण पी.एफ.एम.एस. प्रणाली के माध्यम से आईसीआईसीआई बैंक द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में किया गया । यह राशि उन्हें 48 घंटे में प्राप्त हो जाएगी।

इस योजना के तहत पटना जिले के 17 प्रखंड की 135 पंचायत, नालंदा के 12 प्रखंड की 75 पंचायत, भोजपुर के दो प्रखंड की 14 पंचायत, रोहतास के एक प्रखंड की एक पंचायत, गया के 10 प्रखंड की 86 पंचायत, औरंगाबाद के दो प्रखंड की 18 पंचायत, नवादा के नौ प्रखंड की 118 पंचायत, जहानाबाद के छह प्रखंड की 56 पंचायत, अरवल के दो प्रखंड की आठ पंचायत आच्छादित हैं।

इस अवसर पर आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय, मुख्य सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री सचिवालय के अपर सचिव चंद्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, सहित आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पिछले 13 सितम्बर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुयी मंत्रिमंडल की बैठक में अनियमित एवं अल्प वर्षा से उत्पन्न गंभीर स्थिति का सामना कर रहे 18 जिलों के किसानों को राहत देते हुये प्रति परिवार तीन-तीन हजार रुपये की ‘तत्काल सहायता’ उपलब्ध कराने के लिए 900 करोड़ रुपये व्यय प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी थी। इन 18 जिलों के कुल 102 प्रखंडों में वर्षापात में 30 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। इन प्रखंडों के कुल 896 पंचायत में खरीफ फसल का 70 प्रतिशत से कम आच्छादन हुआ है।

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