नीतीश ने चला प्रशासनिक फेरबदल का मास्टर स्टॉाक:IAS-IPS लॉबी में कोहराम,भाजपा में पसरा मातमी सन्नाटा

नीतीश सरकार ने प्रशासनिक हलके में धमाकेदार फेरबदल का ऐसा मास्टर स्ट्रॉक चला है कि आईएएस-आईपीएस लॉबी में हाहाकार मच गया है. जबकि जदयू की सहयोगी भाजपा खेमे में मातमी सन्नाटा पसर गया है.

नौकरशाही मीडिया, एडिटोरियल डेस्क

एक ही झटके में नीतीश सरकार ने 21 जिलों के डीएम को बदल डाला है जबकि 17 जिलों के एसपी को एसपी आवास से रातोंरात चलता करने का हुक्म जारी कर दिया है. राज्य में ऐसा बड़ा प्रशासनिक बदलाव पिछले तीन सालों में नहीं देखा गया. तब भी नहीं, जब नीतीश ने कुछ दिनों के लिए राज्य की बागडोर जीतन राम मांझी के हाथो में सौंपी थी. या तबभी नहीं जब उन्होंने मांझी से सत्ता वापस ले लिया था.

इस प्रशासनिक फेर बदल का आलम यह है कि  कुल 45 आईएएस, 24 आईपीएस, 54 बीएस और 70 बीपीएस अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया है.

इस पूरे फेरबदल में खास बात यहा है कि सरकार ने उन जिलों में से अधिकतर जिलों के डीएम, एसपी या फिर दोनों को हटा दिया है जहां रामनवमी के अवसर पर साम्प्रदायिक दंगे भड़के थे. इनमें भगलपुर के डीएम एसपी व डीडीसी, समस्तीपुर के एसपी, दरभंगा के एसपी व नवादा के एसपी भी शामिल हैं. इसी तरह आरा, गया, औरंगाबाद, दरभंगा के एसडीपीओ भी इधर से उधर कर दिये गये हैं. ख्याल रहे कि इन जिलों में रामनवमी के बाद या फिर रामनवमी के पहले साम्प्रदायिक दंगे हुए थे.

याद रखने की बात है कि गृह व सामान्य प्रशासन विभाग नीतीश कुमार के अधीन है. आईएएस आईएपी अफसरों की तैनाती कहां होगी और किसकी होगी इस मामले में नीतीश ने, इस तबादले से साबित कर दिया है कि इसमें उनके सहयोगी दल भाजपा की कोई भूमिका नहीं है.

इस बड़े फेरबदल पर भाजपा में सन्नाटा छाया हुआ है. वहीं भाजपा नेताओं से निकटता रखने वाले आईएएस-आईपीएस अफसरों को भी शंट कर दिया गया है.

राज्य में नये डीजीपी की नियुक्ति के समय नीतीश सरकार पर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि संघ से निकटता रखने वाले और भागलपुर के 1989 दंगों के समय एसपी रहे अफसर को डीजीपी बनाया गया है. राजद ने तो यहां तक आरोप लगाया था कि नीतीश सरकार नागपुर से संचालित होती है.

लेकिन इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में नीतीश सरकार ने बड़ा मास्टर स्ट्राक चला है. पटना में काफी दिनों से सचिवालयों या पुलिस हेडक्वाटर्स के इर्द-गिर्द शंटेड अधिकारियों को नीतीश सरकार ने मैदान में उतार दिया है.

उधर राजद नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि ये तबादले अगामी चुनावों के मद्देनजर किया गया है.

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