नीतीश ने NRC पर दी सफाई, पर क्या उनके बयान से लोग संतुष्ट होंगे?

नीतीश ने NRC पर दी सफाई, पर क्या उनके बयान से लोग संतुष्ट होंगे?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में 13 जनवरी को असेम्बली में कहा है कि  देशव्यापी स्तर पर NRC की न तो जरूरत है और ना ही इसका औचित्य है.

 

Nitish Kumar NRC

नीतीश ने NPR पर दी सफाई, पर क्या उनके बयान से लोग संतुष्ट होंगे?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बयान असेम्बली में तब दिया जब वह अनुसुचित जाति, जनजातियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था पर अगले दस साल के लिए सर्वसम्मति से बढ़ाने के मामले पर धन्यवाद पेश कर रहे थे.

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नीतीश ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के उस बयान पर अपनी बात कही जब तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री, जो भारतीय जनता पार्टी के अलाई है, उन्हें नागरिकता कानून, एनआरसी और NPR पर अपना स्पष्ट पक्ष रखना चाहिए. तेजस्वी ने सदन में कहा कि हमने एनआरसी के खिलाफ बंद रखा. जनता नहीं चाहती एनआरसी. हमें खून देने की जरूरत पड़ी तो देंगे. उधर नीतीश ने कहा कि एनआरसी NRC  की बात ही कहां है. प्रधानमंत्री ने भी इस मामले में साफ कह दिया है. उन्होंने कहा कि NRC  असम तक सीमित था.

क्या NRC पर नीतीश की सफाई से संशय दूर होगा?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या देश नीतीश कुमार की बात पर भरोसा करेगा. क्योंकि लोगों का मानना है कि NRC NPR के रूप में आ रहा है और बिहार सरकार ने बाजाब्ता  इसके बारे में गजट प्रकाशित कर दिया है. उधर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मीडिया में साफ घोषणा की थी कि बिहार में NPR का काम 15 मई से सुरू हो जायेगा.


हम जिंदा लाश नहीं, जिंदा कौम हैं जो हो जाये कागज नहीं दिखायेंगे-Ashfaque Rahman


 

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या देश नीतीश कुमार की बात पर भरोसा करेगा. क्योंकि लोगों का मानना है कि NRC NPR के रूप में आ रहा है और बिहार सरकार ने बाजाब्ता  इसके बारे में गजट प्रकाशित कर दिया है. उधर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मीडिया में साफ घोषणा की थी कि बिहार में NPR का काम 15 मई से सुरू हो जायेगा.

विपक्षी दलों, विभिन्न सामजिक संगठनों का कहना है कि NPR दरअसल NRC का नया रूप है जिसमें किसी भी व्यक्ति से उसके मां-बाप के जन्म की तारीख तक पूछने का प्रवाधान है. विपक्ष का कहना है कि जब एनआरपी की घोषणा हुई तो उसी में यह साफ लिखा है कि NPR और कुछ नहीं बल्कि NRC का पहला कदम है.

ऐसे में नीतीश कुमार द्वारा एनआरसी पर सफाई के बावजूद लोगों को उनका बयान विश्वास जीतने में सफल होगा, ऐसी संभावना कम ही है.

 

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