नीतीश से मिले RCP, नहीं सुलझा पेंच, अधर में भविष्य

नीतीश से मिले RCP, नहीं सुलझा पेंच, अधर में भविष्य

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से RCP की मुलाकात हुई, पर पेंच फंस गया है। इस बीच आज मुख्यमंत्री ककोलत रवाना हो गए। जदयू दफ्तर में भी हुई मीटिंग।

कल शाम को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह को मिलने के बुलाया, तो सबको लगा कि अब राज्यसभा प्रत्याशी का नाम क्लियर हो जाएगा, लेकिन उसके बाद भी तस्वीर साफ नहीं हुई। जब आरसीपी सिंह मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, तभी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी पहुंचे। उन्हें भी बुलाया गया था।

मुख्यमंत्री को नजदीक से जाननेवाले लोगों को पता है कि जब मुख्यमंत्री को किसी का टिकट काटना होता है, तब उससे वे नहीं मिलते। फोन पर भी टाइम नहीं देते। इसीलिए जब कल शाम आरसीपी सिंह को मिलने के लिए बुलाया, तो यह उम्मीद थी की उन्हें प्रत्याशी बनाया जाएगा। लेकिन इसके बाद भी बात नहीं बनी।

माना जा रहा है कि ललन सिंह ने कोई शर्त रखी है, जिस पर पेंच फंसा हुआ है। नौकरशाही डॉट कॉम ने वह पेंच जानने की कोशिश की। जदयू नेताओं को भी इस पेंच की ठोस जानकारी नहीं है। हां, उन्होंने कुछ संभावनाओं की जानकारी जरूर दी। ललन सिंह और आरसीपी में खटास की शुरुआत आरसीपी के मंत्री बनने के बाद से शुरू हुई। तो एक संभावना यह हो सकती है कि शर्त रखी गई हो कि आरसीपी मंत्री पद से इस्तीफा दे दें और तब उन्हें राज्यसभा भेजा जाए। हालांकि यह सवाल करने पर कि इस स्थिति में इस्तीफा देने से आरसीपी को क्यों परहेज होगा, तो इस प्रश्न का जवाब फिर किसी नए पेंच की तरफ इशारा कर देता है।

जदयू के भीतर यह चर्चा आम है कि आरसीपी सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था, पर वे समय नहीं दे रहे थे। कई दिनों तक इंतजार कराने के बाद कल उन्होंने समय दिया।

इस बीच आज जदयू दफ्तर में एक बैठक हुई, जिसमें उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल थे। एक पेंच की तरफ अशोक चौधरी ने भी इशारा किया कि इस बार प्रत्याशी का नाम काफी सोच-विचार के बाद लिया जाएगा। चौधरी के बयान से आरसीपी विरोधी एक नेता ने कहा कि आरसीपी सिंह को टिकट नहीं मिलेगा। अब कल तक किसी नतीजे की संभावना कम ही है। उम्मीद की जा रही है कि प्रत्याशी का एसान सोमवार को हो।

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