एईएस प्रभावित इलाकों का होगा सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम-एईएस) से बच्चों की हुई मौत को दुखद तथा चिंतित करने वाली घटना बताया और कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों का सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण कराकर इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।

श्री कुमार ने आज विधान परिषद में एईएस के कारण मुजफ्फरपुर में बच्चों की हुई मौत पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दिलीप राय तथा कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा के ध्यानाकर्षण सूचना पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के जवाब के बाद कहा कि सरकार सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के नतीजे के आधार पर इस बीमारी पर काबू पाने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी। साथ ही जागरुकता बढ़ाकर इसे नियंत्रित करने की कोशिश भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट आने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एईएस से पिछले कुछ दिनों में बच्चों की जो मौत हुई है उसके प्रति हम सिर्फ शोक प्रकट नहीं कर सकते हैं । यह बहुत गंभीर मामला है । उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद इस प्रकार की बीमारी से मौत का सिलसिला चल रहा है बीमारी का क्या कारण है इस संबंध में विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है और कोई इस पर एकमत नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके कारण उन्होंने काफी पहले ही कहा था कि इस मामले में ठोस नतीजे तक पहुंचने के लिए विशेषज्ञों की एक संयुक्त कमेटी बननी चाहिए। इस विशेषज्ञ कमेटी की जो राय बने उस पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि तब तक जागरूकता के लिए अभियान चले । इसके बाद जागरूकता के कारण ही पिछले कुछ वर्षों में एईएस की कम घटनाएं घटी लेकिन इस बार फिर से ज्यादा घटनाएं हुई है। कुमार ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बीमारी का कारण जानने के लिए टीम गठित की है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब वह मुजफ्फरपुर में श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में पीड़ित और उनके परिजनों से मिले तब उन्होंने देखा कि अधिकांश प्रभावित लोग गरीब परिवार के हैं और उनमें लड़कियां अधिक हैं। उनके घर की छत एस्बेस्टस के होने की भी बात सामने आई है।

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