CAA पर मोदी सरकार को फिर झटका,अब पंजाब असेम्बली ने कहा रद्द करो कानून

CAA पर मोदी सरकार को फिर झटका, अब पंजाब असेम्बली ने कहा रद्द करो कानून

Amrindar Singh

CAA पर मोदी सरकार को फिर झटका, अब पंजाब असेम्बली ने कहा रद्द करो कानून

एक तरफ केंद्र सरकार CAA पर देश भर में घूम-घूम पर सफाई देने में जुटी है दूसरी तरफ

उसे आज एक और झटका पंजाब ने दिया है. राज्य की विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर

केंद्र से मांग की है कि सामाजिक ताने-बाने को चोट पहुंचाने वाले इस कानून को निरस्त

किया जाये.

केरल पश्चिम बंगाल की राह पर पंजाब

इससे पहले केरल की विधानसभा ने भी इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था. उधर पश्चिम

बंगाल सरकार ने पहले ही साफ कह दिया है कि वह ऐसे किसी कानून को स्वीकार नहीं करेगी.

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RJD ने ‘बिकाऊ’ पीके से पूछा CAA विवाद पर JDU से क्यों नहीं दिया इस्तीफा

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दी हिंदू की रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य विधानसभा के विशेष सत्र में संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदर

ने इस आशय का प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव का समर्थन सबसे बड़े विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने भी किया

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि CAA( Citizenship Ammendment Act)

का देश भर में भारी विरोध हो रहा है. यह हमारे देश की परम्परा और सामाजिक तानेबाने को नुकसान पहुंचाने

वाला कानून है.

 

अमरिंदर ने कहा सामाजिक ताने बाने को ना करों ध्वस्त

 

अमरिंदर सिंह ने कहा कि  जो देश में नया नागरिकता संशोधन कानून लागू करना चाहते हैं वे देश के सामाजिक

तानेबाने को ध्वस्त करने पर तुले हैं.

काबिले जिक्र है कि 10 जनवरी को नया नागरिकता कानून अमल में आ गया है. इस कानून में प्रावधान है कि

बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हो कर आये हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और

ईसाइयों को नागिरकता दी जायेगी. लेकिन इस कानून में मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है. इस कारण पूरे देश में

पिछले एक महीने से लगातार आंदोलन हो रहे हैं और हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर आ कर इसका विरोध कर रहे हैं.

इस विरोध से परेशान भारतीय जनता पार्टी ने इसके समर्थन में अभियान चला रखा है लेकिन इस अभियान में उसे बहुत

सफलता मिलती नहीं दिख रही है.

 

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