पहले बंगाल, अब दिल्ली प्रदेश के हक के लिए गरजे तेजस्वी

पहले बंगाल, अब दिल्ली प्रदेश के हक के लिए गरजे तेजस्वी

कुछ दिनों पहले तेजस्वी यादव बंगाल में थे। वहां उन्होंने भाजपा के खिलाफ ममता को बिना शर्अत समर्थन दिया, अब दिल्ली प्रदेश के हक के लिए गरजे।

कुमार अनिल

तेजस्वी यादव की दृष्टि अब केवल बिहार तक नहीं है। उनकी नजर पूरे देश पर है। बंगाल और असम में उन्होंने कहा था कि भाजपा देश की हर लोकतांत्रिक संस्था का गला घोट रही है।

आज तेजस्वी यादव ने आगे बढ़कर दिल्ली प्रदेश की चुनी हुई सरकार का अधिकार खत्म करने के लिए भाजपा द्वारा लाए गए बिल के खिलाफ हल्ला बोल दिया। तेजस्वी ने कहा- भारत को सहकारी संघवाद कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि जहां केंद्र, राज्य मिलकर निर्णय लेते हैं, मिलकर काम करते हैं, लेकिन एक राज्य की निर्वाचित सरकार के अधिकार को छीन कर एक नौकरशाह को सौंपने का बिल लाया जा रहा है।

मोदी मुनाफे का निजीकरण, घाटे का राष्ट्रीयकरण कर रहे : राहुल

उन्होंने कहा, दिल्ली में चल रही इस मंशा का अगर विरोध नहीं हुआ, तो कल किसी और राज्य का भी नंबर आएगा। मैं और मेरी पार्टी हर स्तर पर इसका विरोध करते है।

इससे पहले दिल्ली प्रदेश के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विधानसभा की 8 सीटों और एमसीडी के उपचुनाव में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली। अब भाजपा ने लोकसभा में ऐसा बिल लाया है, जिससे दिल्ली की चुनी हुई सरकार के अधिकार खत्म हो जाएंगे। यह बिल संविधान की आत्मा के विपरीत है।

तमिलनाडु में भी खेला, भाजपा के सहयोगी बोले, सीएए वापस लो

आप नेता आतिशी ने कहा दिल्ली में आप विधायकों को भाजपा खरीद नहीं पाई। वह आप सरकार को डरा भी नहीं सकी। अब वह बिल लाकर दिल्ली सरकार के अधिकार को खत्म करना चाहती है।

खास बात यह कि खुद भाजपा ने अपने चुनाव धोषणापत्र में कहा था कि वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के हक में है। अब वही भाजपा ठीक विपरीत राज्य सरकार के अधिकार को खत्म करने पर तुली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*