Lockdown में अधिकतर हॉस्पिटल रहे बंद वहीं Paras ने सौ से ज्यादा आपरेशन कर लोगों की बचाई जान

जहां कोरोना महामारी व लॉकडाउन के बीच पटना के ज्यादातर निजी अस्पतल बंद रहे वहीं के पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल ने संक्रमणमुक्त व्यवस्था के बीच 100 से ज्यादा आपरेशन कर बिहार के मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

Paras HMRI Hospital Patna

पटना कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच पारस एचएमआरआई सुपर स्पेशिलिटी हाॅस्पिटल, राजा बाजार, पटना में डाक्टरों द्वारा ओपीडी परामर्श के साथ-साथ सभी तरह के ऑपरेशन भी किये जा रहे हैं।

हृदय रोग, न्यूरो संबंधी बीमारी तथा हड्डी रोग से संबंधित बीमारियों का आपरेशन यहां लगातार किया जा रहा है। पारस हाॅस्पिटल प्रबंधन का मानना है कि हमारे यहां अनुभवी व विशेषज्ञ डाॅक्टरों की टीम तथा यहां उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच सुरक्षित आपरेशन किये जाते हैं।

अस्पताल के रिजनल डायेरक्टर ने कहा कि यहां सारे मरीजों का आपरेशन यह सोच कर तय किया जाता है कि मरीज को पहले से कोरोना हो सकता है ताकि आपरेशन से पहले उनकी सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए सरकार द्वारा तय किये गये मापदंड के अनुसार ही जांच करने होंगे। यदि किसी बीमारी का इलाज सिर्फ आपरेशन है तो उसमें यह देखा जाता है कि आपरेशन अभी तुरंत करना जरूरी है या कुछ दिनों तक इसे टाला जा सकता है। एक निश्चित अवधि के बाद इसे टाला भी नहीं जा सकता है। ऐसे में आपरेशन कराना अनिवार्य हो जाता है।

हम बीमारी की गंभीरता तथा कोरोना वायरस की संक्रमणता को ध्यान में रखकर ही सुरक्षित आपरेशन करते हैं। बहुत सारे ऐसे मरीज भी आ रहे हैं जिनका आपरेशन तत्काल या कुछ समय बाद कराना आवश्यक हो जाता है।

हाॅस्पिटल के रिजनल डायरेक्टर डाॅ. तलत हलीम ने कहा कि हमनें अपने हेल्थ केयर वर्करों तथा मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए सेनिटाइजेशन की मुकम्मल व्यवस्था कर रखी है तथा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाता है। हाॅस्पिटल पहुंचने वाले हर व्यक्ति को मुख्य गेट पर ही सेनिटाइजेशन की व्यवस्था है।

सेनेटाइजशन का अंतरराष्ट्रीय मानक का ध्यान

कुर्सियों की कतार में एक स्थान खाली रखने के बाद बैठने की व्यवस्था है। रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक में पूरे हाॅस्पिटल परिसर को सेनिटाइज किया जाता है। सीढ़ियां, लिफ्ट, कुर्सी, टेबल आदि को भी संक्रमणयुक्त किया जाता है।

डा तलत हलीम ने कहा कि हमने पूरे लाॅकडाउन में कभी भी अपनी ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं बंद नहीं की, साथ ही आपरेशन भी किये जाते रहे। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन में भी हमारे यहां एक सौ से अधिक आपरेशन किये गये।

कैंसर के 50 से अधिक मरीजों को रेडिएशन किया गया जबकि 200 से भी अधिक मरीजों को कीमोथेरेपी दी गयी।

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