‘पति का चेहरा नहीं देख पाई, नीतीश सरकार ने मदद नहीं की’

‘पति का चेहरा नहीं देख पाई, नीतीश सरकार ने मदद नहीं की’

कश्मीर में आतंकी हमले में मारे गए वीरेंद्र पासवान की पत्नी ने कहा पति का मरा हुआ चेहरा भी नहीं देख पाई। डीएम झूठ बोल रहे कि हम शव लाना नहीं चाहते थे।

बिहार के वीरेंद्र पासवान कश्मीर में गोलगप्पा बेचा करते थे। 5 अक्टूबर को आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी। वे भागलपुर के रहनेवाले थे। गरीब परिवार कश्मीर से शव लाने में असमर्थ था। शव लाने में राज्य सरकार ने कोई मदद नहीं दी। उनका अंतिम संस्कार वहीं कर दिया गया।

वीरेंद्र पासवान की पत्नी पुतुल देवी से जब पत्रकारों ने पूछा कि डीएम कह रहे हैं कि आप लोग चाहते थे कि वहीं अंतिम संस्कार कर दिया जाए। इस पर वीरेंद्र की पत्नी ने कहा कि डीएम झूठ बोल रहे हैं। मेरा पति तो अब कभी नहीं आएगा, कम से कम मरा हुआ चेहरा भी देख लेते।

वीरेंद्र पासवान की पत्नी ने कहा कि हमसे कोई पूछने तक नहीं आया। हम चाहते थे कि अंतिम संस्कार यहीं घर पर करें। जब पत्रकार ने कहा कि डीएम कह रहे हैं कि आप ही लोगों ने वहीं अंतिम संस्कार करने को कहा। इस पर पुतुल देवी ने कहा कि डीएम झूठ बोल रहे हैं। हमसे कोई पूछने तक नहीं आया।

बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को संवेदनहीन करार दिया। कहा यह शर्मनाक है। उन्होंने ट्वीट किया-श्रीनगर में आतंकियों की गोली के शिकार बिहार के वीरेन्द्र पासवान के पार्थिव शरीर को उनके परिजन भागलपुर लाने में अक्षम थे। प्रशासन ने वहीं अंतिम संस्कार कर दिया। डबल इंजन सरकार ने उनका शव बिहार लाने में कोई मदद नहीं कर अपनी हैसियत दिखा संवेदनहीनता व अमानवता का परिचय दिया। शर्मनाक!

सोशल मीडिया पर वीरेंद्र पासवान की पत्नी का वीडियो ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स नीतीश सरकार की जमकर आलोचना कर रहे हैं। कोई दूसरा प्रदेश होता, तो शव को सम्मान के साथ उनके घर तक पहुंचाता।

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