फिर संबित पात्रा बने मिस्टर मनिपुलेटर, पकड़ाया झूठ

फिर संबित पात्रा बने मिस्टर मनिपुलेटर, पकड़ाया झूठ

एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा का झूठ पकड़ा गया। खुद ट्विटर ने भी पात्रा के ट्विट को मनिपुलेटेड मीडिया करार दिया। क्या है पूरा मामला।

कुमार अनिल

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा एक बार फिर मीडिया में झूठ फैलाते पकड़े गए। दो दिन पहले उन्होंने कांग्रेस का एक पत्र ट्विट किया और कहा कि यह कांग्रेस का टूलकिट है, जे भाजपा को बदनाम करने के लिए बनाया गया है। खुद ट्विटर ने भी माना कि पात्रा ने जो पत्र शेयर किया, वह मनिपुलेटेड है। मनिपुलेटड का अर्थ है किसी तथ्य में तोड़मरोड़ करके अपने पक्ष में साबित करना।

दो दिन पहले सोशल मीडिया में संबित पात्रा ने सोनिया गांधी का एक पत्र जारी किया, जिसमें मोदी सरकार को बदनाम करने के तरीके बताए गए थे। पात्रा ने कहा था कि कांग्रेस कोरोना पीड़ितों की मदद के नाम पर अपना प्रचार कर रही है। पात्रा के ट्विट करते ही पूरा आईटी सेल कांग्रेस और सोनिया गांधी के खिलाफ सक्रिय हो गया। अनेक टीवी चैनलों ने बिना सच्चाई का पता किए इस पर राष्ट्रीय बहस भी करा दी।

दूसरे ही दिन आल्ट न्यूज ने अपनी पड़ताल के बाद पात्रा ने जिसे कांग्रेस का पत्र बताया था, उसे फर्जी करार दिया। कहा- पत्र के साथ तोड़मरोड़ की गई है। इससे पहले की कई लोग पत्र के अलग-अलग फोंट (लिखावट) को लेकर सवाल कर रहे थे। पात्रा और आईटी सेल ने आल्ट न्यूज की पड़ताल को नहीं माना और कहा कि वे ही सही हैं। इस बीच आज खुद ट्विटर ने अपनी पड़ताल में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा शेयर किए गए कांग्रेस के पत्र के साथ तोड़मरोड़ करने की बात कहीय़ ट्विटर ने इसे मनिपुलेटेड मीडिया करार दिया।

इससे पहले कांग्रेस ने संबित पात्रा के ट्विटर अकाउंट को सदा के लिए बंद करने की मांग की। कांग्रेस ने पात्रा सहित कई भाजपा नेताओं के खिलाफ पुलिस केस भी किया है।

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अजीब बात यह है कि जब खुद ट्विटर ने पात्रा द्वारा शेयर किए गए पत्र को तोड़मरोड़ किया करार दिया, तब पात्रा चुप हैं। आईटी सेल भी ट्विटर पर कुछ नहीं कह रहा। सवाल है कि अगर पात्रा सही हैं, तो वे ट्विटर के खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं करते, आखिर उनकी प्रतिष्ठा का सवाल है। पर पात्रा चुप हैं। जिन टीवी चैनलों ने पात्रा को सही मानकर बहस की, वे भी चुप हैं। कोई अफसोस भी नहीं जता रहा। इससे पहले भी एक बार पात्रा के ट्विट को ट्विटर मनिपुलेटेड मीडिया करार दे चुका है।

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