पिछले साल कह रहे थे तबलीगी जिम्मेदार, अब कह रहे प्रकृति

पिछले साल कह रहे थे तबलीगी जिम्मेदार, अब कह रहे प्रकृति

पिछली बार कहा गया, तबलीगी कोरोना फैला रहे हैं। सरकार क्या कर सकती है! इसी नाम पर तैयारी जीरो रही। अब सत्तापक्ष कह रहा प्रकृति कारण है। सरकार क्या करे!

रवींद्र राय का ट्विट-पटना में एक भाई की मौत देख दूसरे का भी हार्ट अटैक हुआ।

आज राजद ने जदयू प्रवक्ता अजय आलोक को उन्हीं के बयान की याद दिलाकर घेर दिया। पिछले साल जदयू और भाजपा नेता लगातार कह रहे थे कि कोरोना फैलने के लिए जिम्मेदार तबलीगी जमात है। पूरा नेशनल मीडिया दिन-रात तबलीगी जमात के नाम पर एक खास वर्ग को निशाना बनाने में लगा रहा। कई महीने इसी में बीत गए। लोग मान कर बैठ गए कि तबलीगी के कारण कोरोना फौला, भला सरकार क्या कर सकती है!

इस साल फरवरी में बाजाप्ता प्रधानमंत्री ने घोषणा कर दी कि भारत ने कोरोना पर जीत हासिल कर ली है। अब जब अप्रैल में कोरोना लहर की तरह आ गया, तो भाजपा-जदयू के वही नेता कह रहे हैं कि यह प्राकृतिक आपदा है। सरकार भला क्या कर सकती है।

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जदयू के प्रवक्ता अजय आलोक के ऐसे ही एक ट्विट पर राजद ने उन्हें घेर दिया। राजद ने जदयू प्रवक्ता के पिछले साल के ट्विट को भी शेयर किया, जिसमें जदयू प्रवक्ता ने कोरोना के लिए तबलीगी को जिम्मेदार माना था। राजद ने ट्विट किया-नीतीश कुमार के अति प्यारे इस प्रवक्ता के दिमाग की बत्ती जलने में एक साल लग गया। यह बेचारा तो नीतीश कुमार का प्यादा है। इससे इतनी जहरीली बातों नीतीश ने बकवाई हैं, लेकिन अभी तक एमएलसी बी नहीं बनाया।

कई दिनों से लगातार ऐसे वाट्स मैसेज फारवर्ड किए जा रहे हैं, जिसमें कोविड की दूसरी लहर के लिए अधिक जनसंख्या को कारण बताया जा रहा है। इधर शोशल मीडिया पर लगातार लोग कह रहे हैं कि मरीजों की मौत का कारण कोरोना नहीं है, मौत का कारण आक्सीजन की कमी है। अस्पताल में बेड की कमी है। लोगों का इलाज समय पर शुरू हो, तो बहुतों की जान बचाई जा सकती है।

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